You Are Here: Home » नौकरशाही » ब्यूरोक्रेट्स नहीं दे रहे ब्यौरा?

ब्यूरोक्रेट्स नहीं दे रहे ब्यौरा?

एक आरटीआई के माध्यम से खुलासा हुआ है कि देश में प्रशासन चलाने वाली बाबू लॉबी को अपनी अचल संपत्ति सार्वजानिक करने से परहेज है। देश भर में अब तक केवल सात फीसदी से भी कम आईएएस अफसरों ने अपनी अचल संपत्ति घोषित की है।

sanjay sharma - editorलखनऊ के आरटीआई कार्यकर्ता संजय शर्मा द्वारा दायर की गई आरटीआई एप्लिकेशन में केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय से आईएएस अफसरों द्वारा अपनी संपत्ति का ब्यौरा घोषित किए जाने के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। इसके जवाब में उन्हें मंत्रालय की ओर से बीते सात अक्टूबर को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अब तक सिर्फ 311 आईएएस अफसरों ने लोकपाल और लोकायुक्त एक्ट के तहत निर्धारित प्रारूप में अपनी चल-अचल संपत्ति की घोषणा की है।आईएएस, आईपीएस और आईएफएस सहित ऑल इंडिया सर्विस से जुड़े सभी अफसरों को अब अपने कैश, बैंक बैलेंस और गाड़ी का भी ब्यौरा देना होगा। केंद्र सरकार ने नए लोकपाल कानून और लोकायुक्त एक्ट के तहत ऑल इंडिया सर्विस के जुड़े अफसरों के लिए अब चल संपत्ति के ब्यौरे को अनिवार्य कर दिया है। उन्हें इस साल से अब हर साल देना होगा। इन अफसरों को अब तक सिर्फ अचल संपत्ति का ही ब्यौरा देना होता था। अफसर इस साल की जानकारी भेज चुके हैं। केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इस संबंध में राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। अफसरों को इसके अंतर्गत चल संपत्ति के तहत कैश, बैंक बैलेंस के साथ-साथ शेयर या फिर अन्य सभी निवेशों की जानकारी देनी थी। इसके अलावा ज्वैलरी की भी जानकारी अलग से एक फार्मेट में देनी थी।
इस दौरान स्वयं, पत्नी, बच्चों और आश्रितों के नाम से भी जमा चल संपत्ति की जानकारी भी बतानी होगी। केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय की ओर से भेजे गए एक पत्र में अफसरों को चल संपत्ति का यह ब्यौरा देना था। डीओपीटी के स्थापना अधिकारी सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र में कहा था कि इसके लिए विभाग की ओर से ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। इस संबंध में सभी अफसरों को विभाग की ओर से इसकी जानकारी देने को कहा गया था। ठ्ठ

All Rights Reserved to Weekand Times . Website Developed by Prabhat Media Creations.