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योगी की सीट प्रीति महापात्रा को सौंप सकता है भाजपा हाईकमान

गुजरात के नवसारी में दस हजार शौचालय बनवाकर चर्चा में आईं थीं प्रीति
यूपी से पिछले साल राज्यसभा का चुनाव भी लड़ा, लेकिन पराजित हो गईं

वीकएंड टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के सदस्य हैं, लेकिन जल्द ही उन्हें लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा और यूपी विधान मंडल के किसी सदन की सदस्यता लेनी होगी। योगी की इस अजेय सीट पर तमाम नेताओं की निगाहें लगी हैं, जिनमें एक नाम गुजरात की कारोबारी प्रीति महापात्रा का है। पहली बार प्रीति गुजरात में दस हजार शौचालय बनवाकर चर्चाओं में आईं थीं। ये महिला यूपी से राज्यसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन चुनाव हारने के कारण वह राज्यसभा में नहीं पहुंच सकी थीं।
राजनीति के जानकार लोगों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राष्ट्रपति चुनाव होने के बाद लोकसभा सीट से इस्तीफा देंगे। ऐसे में यह अटकलें लगना स्वाभाविक है कि गोरखपुर लोकसभा सीट पर योगी का उत्ताधिकारी कौन होगा? दावेदार तो कई हैं, लेकिन पार्टी किसी को नाराज नहीं करना चाहती है। ऐसे में हो सकता है कि यहां से किसी बाहरी को चुनाव लड़ाया जाए। सूत्रों की मानें तो योगी की जगह पीएम मोदी की करीबी गुजरात की व्यवसायी प्रीति महापात्रा गोरखपुर सदर सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ सकती हैं।
प्रीति महापात्रा ने यूपी से राज्यसभा जाने के लिए जोर आजमाइश करते हुए पिछले साल जून में राज्यसभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गईं थीं और राज्यसभा नहीं पहुंच पाईं। अब उन्हें लोकसभा भेेजने की तैयारी चल रही है और माना जा रहा है कि योगी के इस्तीफे के बाद वह गोरखपुर सदर सीट से बीजेपी की उम्मीदवार हो सकती हैं। गोरखपुर संसदीय सीट योगी आदित्यनाथ की अजेय सीट है। इस सीट पर मंदिर का कई दशक से कब्जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ को इस सीट को छोडऩा पड़ेगा। प्रीति महापात्रा मशहूर व्यवसायी हरिहर महापात्रा की पत्नी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान से जुडक़र गुजरात के नवसारी में दस हजार शौचालय बनवा कर दिए थे। महापात्रा यूपी में भी स्वच्छता अभियान से जुडक़र कार्य करने की इच्छा पार्टी हाईकमान के समक्ष व्यक्त कर चुकी हैं।
योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद अब उन्हें छह महीने के अंदर विधान परिषद या विधानसभा दोनों में से किसी एक सदन का सदस्य होना जरूरी है नहीं तो छह महीने बाद उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी छिन जाएगी। माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ गोरखपुर देहात सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। अभी यहां से योगी के करीबी विपिन सिंह बीजेपी से विधायक हैं। उन्होंने भी योगी के लिए अपनी सीट छोडऩे की पेशकश की है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि योगी अब गोरखपुर देहात की सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं।

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