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विधान परिषद में गूंजा 4पीएम के दफ्तर पर हुए हमले का मामला

वीकएंड टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। विधान परिषद में 21 जुलाई को 4पीएम दफ्तर पर हुए हमले का मामला गूंजा। समाजवादी पार्टी के सभी सदस्य इस घटना के विरोध में धरने पर बैठ गए और सरकार विरोधी नारे लगाए। नेताओं ने कहा कि पत्रकारों का उत्पीडऩ बंद किया जाए। पत्रकारों के खिलाफ साजिश की जा रही है।
विधान परिषद सत्र की कार्यवाही शुरु होते ही समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने 4पीएम दफ्तर पर हुए हमले के मामले को जोर-शोर से उठाया। नेता विरोधी दल अहमद हसन ने कहा कि 4पीएम दफ्तर पर हमला दुखद है। अब ये दिन आ गए है कि अखबार के दफ्तर पर हमले हो रहे हैं। इस बीच हंगामा शुरु हो गया और एमएलसी सुनील साजन सहित सपा के सभी सदस्य वेल में बैठ गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। सदस्यों ने पत्रकारों के उत्पीडऩ रोकने की मांग की।
मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख
सचिव सूचना और डीजीपी से मिले पत्रकार
4पीएम अखबार के दफ्तर पर हुए हमले के विरोध में 20 जुलाई को सैकड़ों पत्रकार प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी एवं डीजीपी सुलखान सिंह से मिले और घटना के 24 घंटे बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर रोष जताया। पत्रकारों का आरोप था कि अखबार के दफ्तर के अंदर घुसकर हमले जैसी गंभीर घटना को पुलिस गंभीरता से नहीं ले रही है। इन अफसरों से पत्रकारों के मिलने के बाद एसएसपी दीपक कुमार 4पीएम के दफ्तर पहुंचे और संपादक संजय शर्मा से घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इस मामले में अब तक हुई कार्रवाई से भी अवगत कराया। इसके अलावा प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी 4पीएम के दफ्तर आए। उन्होंने कहा कि इस घटना पर वह नजर बनाए हुए हैं। मुख्य सचिव राजीव कुमार से मुलाकात में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्र सौंपकर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मुख्य सचिव ने कहा कि वह 4पीएम को जानते हैं, लोकप्रिय अखबार है, सभी इसको पढ़ते हैं। इस मामले में दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति सरकार गंभीर है। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है। एसएसपी से उन्होंने बात भी की थी। अखबार के दफ्तर के अंदर घुसकर हमला करना गंभीर है और इस पर पुलिस प्रभावी कार्रवाई करेगी। पत्रकारों ने संजय शर्मा की सुरक्षा की मांग की तो प्रमुख सचिव ने कहा कि संजय शर्मा की सुरक्षा की हमारी पूरी जिम्मेदारी है। प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने कहा कि 4पीएम लखनऊ का प्रतिष्ठित अखबार है, इसके दफ्तर के अंदर घुसकर कर्मचारियों पर हमला करना गंभीर घटना है। पत्रकारों की सुरक्षा के मामले में कोई ढिलाई नहीं होगी।
संपादक संजय शर्मा ने कहा कि पहले दफ्तर के बाहर झगड़ा और फिर गाडिय़ों से लोगों को बुलाकर दफ्तर पर हमला करना समाज को आतंकित करने जैसा है। डीजीपी ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि वे निश्चिंत रहें इस मामले में पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद इस मामले को देखेंगे और किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। पत्रकारों में संपादक संजय शर्मा के साथ अजय कुमार, ज्ञानेंद्र शुक्ला, डीपी शुक्ला, नवलकांत सिन्हा, आशीष सुदर्शन, मनीष पांडे, शबी हैदर, मो. कामरान, नरेंद्र श्रीवास्तव, रजा रिजवी, संजय राजन, अभिषेक, अजय श्रीवास्तव, राजेश कुमार, राजेश शुक्ला, मनोज वाजपेयी, हनुमंत राव, अजय शर्मा, नीरज श्रीवास्तव, आशीष मौर्य, काजिम रजा, मुजाहिद जैदी, संजय धीमान, मनीष, परवेज त्यागी, अमित सिंह, राजवीर, ताहिर अब्बास, शान खान, अविनाश शुक्ला, अब्दुल वहीद, शशिनाथ दुबे, राजेद्र गौतम, नावेद शिकोह, आसिफ, अजय वर्मा, अरुण पाराशरी, सीमाव नकबी, शुभम त्रिपाठी आदि मौजूद थे।

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