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रोजगार के अवसरों की भरमार होगी इस फील्ड में

एक  सर्वे के मुताबिक कंप्यूटर हार्डवेयर से जुड़ा फील्ड तेजी से बढ़ते चंद क्षेत्रों में से एक रहेगा और भारत में 2019 तक लाखों नेटवर्क इंजीनियर्स की कमी होगी। सिर्फ इन्हीं तथ्यों से ही नहीं, बल्कि हमारे रोजमर्रा के जीवन में कंप्यूटर के इस्तेमाल का उदाहरण लेकर भी हम हार्डवेयर में कॅरियर की उपयोगिता समझ सकते हैं। आज शायद ही ऐसा कोई ऑफिस हो, जहां का कामकाज कंप्यूटर पर आधारित न हो। इसके अलावा, घर, स्कूल आदि जगहों पर भी सभी कामकाज कंप्यूटर पर ही किए जाते हैं। अगर ये सुचारू रूप से काम न करें, तो सारा कामकाज अचानक ठप हो सकता है। बैंकों और अन्य सरकारी कार्यालयों में नेटवर्क फेल होने की वजह से काम ठप रहने की खबरें आपने अक्सर पढ़ी होंगी, तब इस नेटवर्क को सही करने के लिए हार्डवेयर प्रफेशनल्स की ही मदद ली जाती है। नेटवर्किंग दरअसल कंप्यूटरों को आपस में जोडक़र ऐसा जाल बनाने का फील्ड है जिसमें कोई संस्थान काम कर सकें। कुल मिलाकर, कंप्यूटर इंस्टॉलेशन से लेकर, इसकी मेंटेनेंस और रोजमर्रा के एडमिनिस्ट्रेशन तक का सारा जिम्मा कंप्यूटर सपोर्ट स्पेशलिस्ट्स यानी हार्डवेयर इंजिनियर्स के जिम्मे होता है।

मनी मैटर्स
बरसों से आईटी फील्ड में अच्छी-खासी सैलरी रही है। हार्डवेयर प्रोफेशनल्स के लिए सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स की तरह मौकों की कोई कमी नहीं है। एंट्री लेवल पर आप 25 से 35,000 रुपये महीने की जॉब पा सकते हैं। अनुभव और समय के साथ इसमें बढ़ोतरी होगी।
ये हैं कोर्स हार्डवेयर इंजीनियर बनने के लिए मुख्य रूप से दो बेसिक कोर्स करने पड़ते हैं। पहला, हार्डवेयर और दूसरा बेसिक नेटवर्किंग। हार्डवेयर रिलेटेड कोर्स से कंप्यूटर पाट्र्स के बारे में तमाम तकनीकी जानकारी मिलती है। एक हार्डवेयर इंजीनियर या सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर बनने के लिए ये दोनों कोर्स करने बेहद जरूरी हैं। नेटवर्किंग में इससे आगे कोई एक्सपर्ट बनना हो तो अपनी पसंद के हिसाब से कुछ और बेसिक कोर्स करने होंगे, जैसे: लैन (लोकल एरिया नेटवर्क) और वैन (वाइड एरिया नेटवर्क) से जुड़े कोर्स। नेटवर्किंग से जुड़े कोर्स कराने के लिए कई सरकारी और प्राइवेट संस्थान हैं, जिन्होंने इन कोर्सेज के लिए अपनी अलग पहचान बनाई है। नेटवर्किंग सीखने के लिए तीन तरीके हैं: पहला ऑनलाइन स्टडी मटीरियल की मदद से खुद पढ़ाई, दूसरा ऐसे इंस्टीट्यूट्स जो किसी प्रोग्राम से जुड़े नहीं है और तीसरा सर्टिफाइड प्रोग्राम।

आप भी बन सकते हैं इस फील्ड के एक्सपर्ट
हार्डवेयर और नेटवर्किंग का क्षेत्र सीधे सीधे कंप्यूटर्स की बढ़ती संख्या से जुड़ा है। यानी जैसे-जैसे कंप्यूटर का यूज बढ़ता जाएगा, इन प्रोफेशनल्स की मांग भी बढ़ती जाएगी। इंडस्ट्री एक्सपट्र्स के मुताबिक अभी भी यह इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स की कमी से जूझ रही है। इसलिए कोर्स करने के बाद जॉब मिलने की संभावना बहुत रहती है।

जॉब की कमी नहीं
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि नेटवर्किंग में कोर्स करने के बाद कंप्यूटर सपोर्ट स्पेशलिस्ट, हेल्प डेस्क टेक्नीशियन, नेटवर्क या सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर, कंप्यूटर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट के रूप में कॅरियर बना सकते हैं। आज इन एक्सपट्र्स की जरूरत लगभग हर संस्थान में होती है। फिर चाहे वह कंप्यूटर और डाटा प्रोसेसिंग यूनिट हों, बैंक या अन्य सरकारी कार्यालय, कोई इंडस्ट्री या और कोई छोटी-बड़ी फर्म। जहां भी कामकाज कंप्यूटर आधारित है, वहां इन तकनीकी विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है। सरकारें जिस तरह ई-गवर्नेंस पर जोर दे रही हैं, उससे यह फील्ड और भी हॉट बनता जा रहा है। इसके चलते स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क और डाटा सेंटर जैसे कई नए फील्ड खुल रहे हैं। कहा जा सकता है कि जब तक कंप्यूटर पर काम होता रहेगा, इन विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती रहेगी। ये किसी भी कंपनी के लिए नेटवर्क और कंप्यूटर सिस्टम की देखभाल से लेकर, एंप्लाइज और कस्टमर्स की तकनीकी जिज्ञासाओं को शांत करने तक का काम करते हैं।
एंट्री लेवल पर आपकी जिम्मेदारी केवल नेटवर्क और कंप्यूटर मेंटेनेंस की हो सकती है, लेकिन अनुभव के साथ आपको किसी कंपनी के लिए इंट्रानेट आदि डिवेलप करने का जिम्मा भी दिया जा सकता है। नेटवर्किंग में भी वक्त सबसे ज्यादा हॉट फील्ड वायरलेस स्किल्स और वीओआईपी (वॉयस ओवर इंटरनेट टेलीफोनी) हैं। सिक्योरिटी स्किल्स वाले कम से कम 35000 लोगों की कमी इंडस्ट्री में महसूस की जा रही है। वैसे, आमतौर पर इसके अलावा लोकल एरिया नेटवर्क (लैन) एडमिनिस्ट्रेशन, नेटवर्किंग डिजाइन जैसे फील्ड सबसे ज्यादा डिमांड में हैं।

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