You Are Here: Home » साहित्य » यह है दो खास चीजों में से एक को चुनने का हुनर

यह है दो खास चीजों में से एक को चुनने का हुनर

एक बार ह्वïाइट हाउस में राष्ट्रपति आइजनहावर ने एक प्रीतिभोज आयोजित किया। इसमें शामिल होने के लिए बड़ी-बड़ी हस्तियां यह सुनिश्चित करने के जुगाड़ में थीं कि उन्हें इस समारोह में बुलाया जाए। महान अमेरिकी लेखक जेम्स मिचेनर को भोज का आमंत्रण तो मिल गया था, मगर उन्हें पता चला कि उनकी पूर्व शिक्षिका को उसी दिन सम्मानित किया जाना है। उन्हें काबिल बनाने में उनकी शिक्षिका का योगदान था।
एक ही दिन और एक ही समय के दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम देखकर जेम्स ने अपनी शिक्षिका के सम्मान समारोह में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने राष्ट्रपति आइजनहावर को पत्र लिखा, महामहिम, आपके भोज आमंत्रण में मैं अवश्य शामिल होता, यदि उसी दिन और उसी समय मेरी शिक्षिका का सम्मान समारोह न होता। वह मेरे जीवन का आदर्श रही हैं। उन्होंने मुझे लिखना सिखाया, परिस्थितियों से लडऩे का हौसला दिया और मेरे अंदर उस आत्मविश्वास को विकसित किया जिसकी बदौलत आज मुझे आपका आमंत्रण प्राप्त हुआ है। मैं बेहद सौभाग्यशाली हूं कि मुझे अपनी आंखों से अपनी शिक्षिका को सम्मानित होते हुए देखने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त हो रहा है।
जेम्स का पत्र पाकर आइजनहावर अभिभूत हो गए। उन्होंने जेम्स को जवाब देते हुए लिखा, प्रिय मिचेनर, राष्ट्रपति आते-जाते रहते हैं, लेकिन वह शिक्षक जिन्होंने आपके जीवन को एक महत्वपूर्ण आयाम दिया है, बार-बार नहीं आएंगे। इसलिए आप न केवल उनके सम्मान समारोह में शामिल हों, बल्कि मेरी तरफ से भी उन्हें शुभकामनाएं दें। शिक्षक ही विद्यार्थी का श्रेष्ठ कल बनाते हैं। हम जीवनभर उनके ऋ णी रहते हैं। राष्ट्रपति का यह पत्र पाकर जेम्स प्रसन्नता से नाच उठे और अपनी शिक्षिका के सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए चल पड़े।

All Rights Reserved to Weekand Times . Website Developed by Prabhat Media Creations.