You Are Here: Home » UTTAR PRADESH » यूपी में नगर निकाय और उप चुनाव बताएंगे भाजपा का ग्राफ

यूपी में नगर निकाय और उप चुनाव बताएंगे भाजपा का ग्राफ

गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा और कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा सीट के लिए होना है उप चुनाव
स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन खराब रहा तो लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा असर

वीकएंड टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश में नगर निकाय चुनाव और लोकसभा के उप चुनाव होने हैं ऐसे में सभी दल अधिक से अधिक सीटों पर अपना कब्जा जमाना चाहते हैं। इस बीच भाजपा भी पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरकर कोई भी मौका गंवाना नहीं चाहती है। ऐसे में सबसे बड़ी परीक्षा भाजपा की होगी, यदि नगर निगम और उप चुनाव में भाजपा जोरदार प्रदर्शन नहीं करती है तो लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। प्रदेश में होने वाले उपचुनाव और नगर निकाय चुनाव प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के ग्राफ का हाल बताएंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के विधान परिषद पहुंचने के बाद प्रदेश की दो लोकसभा सीटों और एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है, वहीं नगर निकाय के चुनाव की तारीख भी निर्धारित हो गयी है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री काफी पहले अपने लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। इसी के साथ कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा सीट खाली होने की वजह से वहां भी उपचुनाव होगा। संभावना है कि दोनों लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ ही सम्पन्न होंगे। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद से कुछ राज्यों को छोड़ देश के अधिकांश राज्यों में हुए चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ही जीत दर्ज कर रही है। उत्तर प्रदेश में भी पहली बार भाजपा ने आश्चर्यजनक रूप से अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए गठबंधन को मिलाकर विधानसभा की कुल 403 में 325 सीटों पर कब्जा जमाया है। हालांकि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से कानून-व्यवस्था का हाल किसी से छिपा नहीं है। यही नहीं प्रदेश का भविष्य भी अस्पतालों में उदासीनता के चलते दम तोड़ रहा है, जिस पर सरकार कोई त्वरित कार्रवाई करती नहीं दिख रही। जिस कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा पूर्ववर्ती सरकारों पर लगातार हमलावर रही आज वही स्थिति प्रदेश में भाजपा के शासन काल में है, जिसे लेकर भाजपा नेता संतुष्ट करने वाला जवाब नहीं दे पा रहे।
प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में केवल कानून-व्यवस्था और अस्पतालों में नौनिहालों की मौतें ही नहीं बल्कि देश की कर प्रणाली में आमूल-चूल परिवर्तन करने वाली कर व्यवस्था जीएसटी का आम जनता और छोटे व मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर पडऩे वाला असर भी साफ तौर पर दिखाई देगा। उप चुनाव आगामी लोकसभा चुनावों में प्रदेश में भाजपा की स्थिति की ओर इशारा करेंगे। यूं तो उप चुनाव किसी भी प्रदेश सरकार का ही होता है, लेकिन प्रदेश में होने वाले उपचुनाव न सिर्फ भाजपा बल्कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा का प्रश्न हैं। गोरखपुर दशकों से योगी और उनके आध्यात्मिक गुरु महंत अवैद्यनाथ का गढ़ रहा है, वहीं फूलपुर लोकसभा सीट पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पहली बार कमल खिलाने में कामयाब हुए। ऐसे में उप चुनाव के परिणाम प्रदेश में भाजपा का ग्राफ बताएंगे।
निकाय चुनाव में मजबूती से उतरेगी भाजपा : डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. महेंन्द्रनाथ पांडेय ने कहा है कि प्रदेश में होने जा रहे निकाय चुनाव में भाजपा के प्रत्याशियों का चयन प्रदेश चुनाव समिति करेगी। समर्पित एवं कर्मठ कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा की परिसीमन तय करने का काम चुनाव आयोग का है जिसमें कोई भी हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। पार्टी नगर निकाय चुनाव में मजबूती के साथ उतरने जा रही है एवं केंद्र सरकार की उपलब्धियों एवं उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यों के आधार पर प्रदेश की जनता निकाय चुनाव में भी लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह भाजपा के प्रत्याशियों को भारी बहुमत से विजय बनाने जा रही है।

All Rights Reserved to Weekand Times . Website Developed by Prabhat Media Creations.