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सिविल अस्पताल के ‘रडार’ पर रहेंगे मरीज घर बैठे ले सकेंगे चिकित्सकों की सलाह

इलाज करा चुके मरीजों को राहत देने के लिए जल्द लांच होगा एप
स्वास्थ्य सेवाओं से संतुष्टï नहीं होने वाले रोगी जता सकेंगे नाराजगी

वीकएंड टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल अब मरीजों को एक विशेष सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। एंड्रॉयड मोबाइल एप आधारित यह सेवा उन मरीजों के लिए बेहद लाभकारी होगी जो अस्पताल में इलाज कराने के बाद डिस्चार्ज होकर घर चले जाते हैं। ऐसे मरीज किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर मोबाइल एप रडार के जरिए अपनी शंका का समाधान हासिल कर सकेंगे। सिविल अस्पताल इस एप को तैयार करवा रहा है। इसे अगले महीने लांच किया जा सकता है। इसके अलावा मरीज स्वास्थ्य सेवाओं से असंतुष्टï होने पर मैसेज भेजकर अस्पताल प्रशासन से विरोध दर्ज करा सकते हैं।
अस्पताल ने इस मोबाइल एप को राडार नाम दिया है। सिविल अस्पताल में पैथालॉजी में उपकरण लगाने वाली कम्पनी के सहयोग से यह मोबाइल एप तैयार किया जा रहा है। इस मोबाइल एप पर मरीज की डिस्चार्ज समरी भी उपलब्ध रहेगी। डिस्चार्ज होने के बाद मरीज इस मोबाइल एप को डाउनलोड कर तमाम स्वास्थ्य संबंधी सलाह की सुविधा हासिल कर सकते हैं। इस एप पर जाकर मरीज अपने बीमारी के संबंध में जानकारी हासिल कर सकते हैं। मसलन, किसी मरीज को यदि किसी तरह की शंका होती है तो वह एप पर अपनी शंका लिख सकेगा। मरीज अपने यूजर नंबर के आधार पर अपनी शंका दर्ज कराएगा और संबंधित डॉक्टर उसके जवाब में अपनी सलाह अंकित करेंगे। वहीं उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा अब अपनी सेवाओं को कॉरपोरेट की तर्ज पर ग्राहक केंद्रित बनाना चाहता है। अस्पताल में स्वास्थ्य महकमे ने एक अनोखी पहल की है। यहां इलाज कराने आने वाले मरीज यदि इलाज से संतुष्ट नहीं हैं तो वे मोबाइल मैसेज से अपनी नाराजगी दर्ज करा सकते हैं। इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीज के रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक मैसेज आता है और उससे पूछा जाता है कि क्या वह अस्पताल की सेवाओं से संतुष्ट है अथवा नहीं।

मरीजों से फीडबैक ले रहा अस्पताल
सिविल अस्पताल मरीजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया काफी पहले शुरू कर चुका है। अब उसने एक नया प्रयोग शुरू किया है। रजिस्ट्रेशन के दौरान मरीज का मोबाइल नंबर उसके विवरण के साथ दर्ज किया जाता है। रजिस्ट्रेशन के बाद मरीज के रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक मैसेज आता है। इस मैसेज का टेक्स्ट इस तरह होता है-डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय लखनऊ आने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय आपको धन्यवाद देता है। हम आपके अस्पताल के अनुभव के बारे में आपकी राय जानना चाहेंगे। आपकी राय हमें भविष्य में आपको बेहतर सेवा देने में मदद करेगी। आपके द्वारा दी गई जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। आप अस्पताल के अपने अनुभव से कितने संतुष्ट हैं ? अपना जवाब भेजने के लिए एफबी-1 या एफबी-2 या एफबी-3 टाइप करें। इसमें 1 का अर्थ बहुत संतुष्ट, 2 का अर्थ संतुष्ट और 3 का अर्थ असंतुष्ट है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल पर मैसेज भेजकर इलाज की सुविधा पर फीडबैक लेने का मकसद यह है कि अस्पताल को मरीज की दिक्कतों का पता चल सके। मरीज के फीडबैक के आधार पर अस्पताल की सेवाओं को अधिक बेहतर बनाने में मदद मिल सकेगी।
जल्द मिलेगी सुविधा: डॉ. आशुतोष दुबे
चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि मरीजों की सुविधाओं में इजाफा करने के लिए अस्पताल में कई तरह के प्रयोग शुरू किए गए हैं। इसी क ड़ी में पैथसलॉजी विभाग के सहयोग से सिविल अस्पताल में नया प्रयोग शुरू किया जा रहा है। मरीजों की सुविधा के लिए एक एंड्रॉयड मोबाइल एप आधारित सुविधा शुरू करने की तैयारी है। इस मोबाइल एप पर मरीज इलाज के बाद घर से संबंधित डॉक्टर से सलाह ले सकेगा।

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