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स्थानीय निकाय : इस बार का चुनाव सभी दलों के लिए अहम ष्

टिकट के लिए नेताओं और वोट के लिए मतदाताओं की परिक्रमा शुरू

अपने सिंबल पर लडऩे की घोषणा से दांव पर लगेगी सभी दलों की साख
लोकसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने के लिए खास है निकाय चुनाव

वीकएंड टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी में शहरी निकायों के चुनावी युद्ध के लिए शंखनाद होने में अब कुछ दिन ही शेष हैं। सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग और राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हैं। विभिन्न पदों के लिए भावी प्रत्याशी टिकट की जुगाड़ तो कर ही रहे हैं साथ ही उन्होंने वोट के लिए मतदाताओं के दरवाजे पर दस्तक देने का काम भी शुरू कर दिया है। चुनाव के लिए इस माह अधिसूचना, नवंबर में मतदान और दिसंबर में मतगणना कराने की योजना बन रही है।
इस बार का स्थानीय निकाय चुनाव काफी महत्वपूर्ण है। लोकसभा चुनाव से पहले होने वाले इस चुनाव में सभी दल एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं क्योंकि इससे लोकसभा चुनाव के लिए माहौल बनेगा। दूसरी बात सभी प्रमुख दल पहली बार अपने सिंबल पर निकाय चुनाव लडऩे जा रहे हैं। सिंबल पर चुनाव लडऩे से सभी दलों के लिए यह चुनाव बड़ी चुनौती होंगे और राजनीतिक दलों की साख दांव पर होगी। भाजपा को जहां गत लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मिली भारी जीत के कारण निकाय चुनाव में भी बड़ी जीत हासिल करने का भरोसा है, वहीं भाजपा विरोधी दल विधानसभा चुनाव के बाद से भाजपा का जनाधार कम होने की बात कह रहे हैं और स्थानीय निकाय चुनाव में अपनी जीत का दावा भी करते हैं।
उधर निकाय चुनाव के लिए प्रशासन और चुनाव आयोग स्तर पर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल का कहना है कि 25 अक्टूबर तक नगर निकाय चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। मतदान व मतगणना समेत पूरी चुनावी प्रक्रिया हर हाल में पांच दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। समीक्षा बैठक में उन्होंने अफसरों से कहा कि चुनाव तीन या चार चरणों में कराया जा सकता है, इसलिए तैयारी पूरी कर लें। अफसरों को हिदायत दी गई है कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करें। आपराधिक गतिविधियों में लिप्त लोगों की हिस्ट्रीशीट खोलें।
कानपुर की समीक्षा बैठक में उन्होंने अपराधियों को गुंडा एक्ट में पाबंद करने, हिस्ट्रीशीट खोलने और विवेचना में हो रही लापरवाही पर नाराजगी जताई। कहा कि लंबित विवेचनाओं को जल्द पूरा करें। जिन अपराधियों को जिला बदर किया जाए उन पर निगाह रखें ताकि वे निर्धारित अवधि तक जिले की सीमा में न आ पाएं। संवेदनशील, अतिसंवेदनशील व अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केंद्रों व बूथों का चयन कर लें।

एसएमएस से मिलेगी परिणाम की जानकारी

मतदाताओं को निकाय चुनाव में एसएमएस से नतीजों की जानकारी दी जाएगी। अब तक प्रदेश में 25 लाख मतदाताओं का नाम वेबसाइट पर फीड किया गया है। जैसे ही परिणाम प्राप्त होगा, उसे वेबसाइट पर फीड किया जाएगा और मतदाता को एसएमएस पहुंच जाएगा। परिणाम पाने के लिए अपने मोबाइल नंबर को आयोग की वेबसाइट पर दर्ज करा सकते हैं। 

पहली बार ड्रोन कैमरे का प्रयोग
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव में मतदान केंद्रों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का प्रयोग किया जाएगा। आईजी आलोक सिंह से कहा कि जितने कैमरे की जरूरत हो उसका इंतजाम करें, धन की कमी नहीं होगी।
निकाय चुनाव में साथ नहीं होगी सपा और कांग्रेस

इस बार प्रदेश के नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों के चुनाव काफी महत्वपूर्ण साबित होने जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले होने जा रहे इन चुनावों के लिए राजनीतिक दलों द्वारा रणनीति बनाई जा रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा है कि निकाय चुनाव में कांग्रेस अकेले दम पर प्रत्याशी को चुनाव लड़ायेगी, जबकि सिकन्दरा विधानसभा उपचुनाव के बारे में उन्होंने कहा कि उपचुनाव में पार्टी गठबंधन पर विचार-विमर्श चल रहा है। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में कोई गठबंधन नहीं रहेगा। कमोवेश इसी तरह का बयान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी दे चुके हैं। उनका कहना था कि समाजवादी अपने सिंबल पर निकाय चुनाव लड़ेगी और कांग्रेस के साथ इसके लिए कोई गठबंधन नहीं होगा। दोनों नेताओं के बयानों से साफ है कि विधानसभा साथ-साथ लडऩे वाले यह राजनीतिक दल निकाय चुनाव में आमने-सामने दिखाई देंगे।

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