You Are Here: Home » UTTAR PRADESH » 4पीएम की खबर का बड़ा असर

4पीएम की खबर का बड़ा असर

सरकार ने कहा गोमती नगर विस्तार में काले धन से खरीदे गए फ्लैटों की होगी जांच
सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा, हमने 4पीएम की खबर का लिया संज्ञान, करायेंगे काला धन रखने वालों के खिलाफ जांच और करेंगे कड़ी कार्रवाई
अरबों की काली कमाई ठिकाने लगाने के लिए गोमती नगर विस्तार में खरीदे गए सैकड़ों फ्लैट, आज तक नहीं खुला ताला
गंगा, यमुना, सरस्वती समेत कई अपार्टमेंट में हैं आईएएस अफसरों और राजनेताओं के दर्जनों फ्लैट

वीक एंड टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गोमती नगर विस्तार नौकरशाहों और राजनेताओं की काली कमाई खपाने का एक बड़ा अड्डा बन गया था, जब 4पीएम ने इसकी पड़ताल की तो यह सच साबित हुई। 4पीएम ने मंगलवार को इस खबर को प्रकाशित किया तो हडक़ंप मच गया। प्रदेश सरकार ने भी इस खबर को संज्ञान में लेते हुए काला धन रखने वालों के खिलाफ जांच कराने व उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही।
4पीएम ने मंगलवार को ‘गोमती नगर विस्तार में करोड़ों का कालाधन खपाया राजनेताओं और अफसरों ने’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद नौकरशाही से लेकर सरकार तक में हडक़ंप मच गया। प्रदेश सरकार ने भी खबर को संज्ञान में लेते हुए जांच की बात कही। आज सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी इस मामले में सख्त कदम उठाये जाने की बात कही है। दरअसल गोमती नगर विस्तार में आईएएस अफसरों व राजनेताओं ने अपना काला धन खपाने के लिए करोड़ों रुपए का फ्लैट खरीद कर छोड़ रखा है। आलम यह है कि फ्लैट खरीदे पांच वर्ष से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन अब तक इन फ्लैटों का ताला नहीं खुला है। विस्तार के सरस्वती अपार्टमेंट में 319 फ्लैट हैं, जिसमें से 42 फ्लैट ऐसे हैं जो कभी खोले ही नहीं गए। वहीं यमुना अपार्टमेंंट में एक दर्जन से ज्यादा फ्लैटों का ताला कभी नहीं खुला। यही हाल गंगा, शारदा, अलकनंदा समेत एक दर्जन सोसायटी का है, जहां दर्जनों फ्लैट सालों से कभी नहीं खुले। इनमें से अधिकांश फ्लैट किसी अज्ञात व्यक्ति के नाम या अपने रिश्तेदारों के नाम से खरीदे गए हैं, जिससे उन तक कभी भी पहुंचा न जा सके। इस संबंध में सोसायटी के पदाधिकारियों ने एलडीए को भी कई खत लिखे, मगर एलडीए ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि इन बंद पड़े फ्लैटों से एलडीए का कोई लेना-देना नहीं है। वहीं इन बंद पड़े फ्लैटों के कारण सोसायटी चलाने में भी परेशानियां खड़ी हो रही हैं क्योंकि इनसे मासिक शुल्क प्राप्त नहीं हो पा रहा और उसके कारण सोसायटी को भुगतान भी नहीं मिल पाता है। सोसायटी के भुगतान के लिए कई बार इन फ्लैट स्वामियों को लीगल नोटिस भी दिए गए, मगर गलत पता होने के कारण ये नोटिस वापस आ गए। जाहिर है कि इन बंद पड़े फ्लैटों के मालिकों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए गलत पते दिए थे। इस समय एक फ्लैट की कीमत 70 से 75 लाख रुपए है, जाहिर है इसकी कीमत सैकड़ों करोड़ होगी, अगर इस मामले की बड़े पैमाने पर पड़ताल हो गई तो कई ऐसी मछलियां फंसेंगी जो बड़े पैमाने पर काला कारोबार करती हैं।
4पीएम की खबर का संज्ञान लिया गया है। सरकार काला धन रखने वालों के खिलाफ जांच करायेगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
-श्रीकांत शर्मा, ऊर्जा मंत्री

All Rights Reserved to Weekand Times . Website Developed by Prabhat Media Creations.