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धार्मिक स्थलों को पर्यटन से जोडक़र एक तीर से कई निशाना साधने में जुटी योगी सरकार

विकास को गति देकर लोकसभा चुनाव से पूर्व जनता को संदेश देने की तैयारी
धार्मिक पर्यटन पर फोकस कर वोटों के धु्रवीकरण की भी कोशिश
रोजगार के अवसर बढ़ा युवाओं को लुभाना चाहती है सरकार

सीमाब नकवी

लखनऊ। प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद से योगी सरकार धार्मिक स्थलों को विकसित कर पर्यटन से जोडऩे की कवायद में जुटी हुई है। इसके जरिए वह एक ओर प्रदेश में विकास की गति को रफ्तार देना चाहती है तो दूसरी ओर आगामी लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश की जनता को एक सकारात्मक संदेश भी देना चाहती है। निकाय चुनाव में जीत के बाद अब सीएम की अगली बड़ी परीक्षा लोकसभा चुनाव में ही होनी है। सरकार धार्मिक पर्यटन स्थलों को विकसित कर रोजगार के साधन बढ़ाकर युवाओं को लुभाना भी चाहती है। वहीं, इसके जरिए वह वोटों के धु्रवीकरण की तैयारी भी कर रही है।
अपनी हिंदुत्ववादी छवि और वोटबैंक को बरकरार रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धार्मिक स्थलों को पर्यटन से जोडऩे का लगातार प्रयास कर रहे हैं। अयोध्या को नगर निगम बनाने के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां पर विशाल दीपोत्सव का आयोजन किया था। अयोध्या में यादगार दिवाली मनाने के बाद अब यूपी सरकार मथुरा में होली मनाने की तैयारी कर रही है। मथुरा के बरसाना में मुख्यमंत्री होली मनाने जायेंगे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री के यहां जाने से विकास को भी बल मिलेगा। इस दौरान बरसाना को पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा के साथ कई बड़ी सौगातें मिल सकती हैं। यही नहीं हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नैमिषारण्य के एक कार्यक्रम में शिरकत करने भी पहुंचे थे। यहां उन्होंने नैमिषारण्य को भी पर्यटन से जोडऩे की बात कही थी। सरकार के इस प्रयास से धार्मिक स्थलों का विकास होना तय है। इससे यहां रोजगार के साधन भी विकसित होंगे। इसका फायदा स्थानीय युवाओं को मिलेगा। पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने वाले धार्मिक स्थलों में बुनियादी सुविधाएं भी बढ़ेंगी। बरसाना में होली मनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी पूरी कैबिनेट के साथ वहां जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि होली के अवसर पर मथुरा में सरकार एक ग्रांड सेलीब्रेशन करेगी। यही नहीं इसके पहले मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि जो भी हिंदुत्व का विरोध करता है वो भारतीयता और विकास का विरोधी है। गौरतलब है कि योगी सरकार ने छोटी दिवाली के मौके पर अयोध्या में एक यादगार आयोजन किया था। जिसमें एक लाख 71 हजार दिये जलाए गए थे। इसके बाद योगी ने कई बार अपने भाषणों में प्रदेश की पूर्व सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा था कि पहले की सरकारें और मुख्यमंत्री अयोध्या जाने से डरते थे लेकिन जिस अयोध्याा ने दुनिया को दिवाली दी वहां हमने भव्य दिवाली मनाई।
बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लट्ठïमार होली इस बार भव्य होगी। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश सरकार यहां की होली को भव्य बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर सकती है। 24 फरवरी 2018 को होने वाले इस आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भागीदारी करने जाएंगे। धर्मार्थ मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि राधाकृष्ण के दिव्य अनूठे प्रेम के रंग में रंगी लट्ठमार रंगीली होली में राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित पूरी कैबिनेट व देश विदेश का मीडिया शिरकत करेगा। आयोजन की रूपरेखा तय करने के लिए वह बरसाना में स्थानीय लोगों के साथ बैठक करेंगे। होली का आयोजन संस्कृति विभाग करेगा। होली की तैयारियों पर करीब 60 से 70 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं। यह आयोजन बरसाना में कहां होगा इसके लिए स्थल चयन नहीं हुआ है। बताते
चलें कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री बरसाना जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री होली देखने आते हैं, तो बरसाना के विकास के लिए पिटारा भी खोल सकते हैं। वे बरसाना को नगर पालिका भी घोषित कर सकते है। इसके अलावा योगी सरकार ने पवित्र नदियों की आरती का सिलसिला भी शुरू किया है। अयोध्या में सरयू नदी की आरती की शुरूआत सरकार करवा चुकी है। जल्द ही ऐसा ही आयोजन गोमती तट पर भी हो सकता है। साफ है कि योगी सरकार धार्मिक स्थलों को पर्यटन से जोडक़र न केवल विकास को गति देना चाहती है बल्कि इसके जरिए वह लोकसभा चुनाव में भाजपा की जमीन अभी से तैयार करने में जुट गई है। इसे वोटों के धु्रवीकरण के नजरिए से भी देखा जा रहा है।

काशी विश्वनाथ कॉरीडोर परियोजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब विश्व प्रसिद्ध काशी को भी कुछ अलग अंदाज में विकसित करने की तैयारी कर रहे हैं। यहां उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरीडोर तैयार करने का प्रस्ताव तैयार करने की बात कही है। इस कॉरीडोर में दीवारों पर वेद, पुराण, उपनिषद की झलक देखने को मिलेगी। इस प्रस्ताव को जल्द ही न्यास परिषद की बैठक में मंजूरी दी जायेगी। काशी विश्वनाथ कॉरीडोर परियाजना अब तक न्याय परिषद की सबसे बड़ी परियोजना होगी।

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