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एआईसीटीई का बिजनेस स्कूलों को निर्देश, एडमिशन कैंसिल कराने पर नहीं डूबेगी छात्रों की फीस

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन बिजनेस मैनेजमेंट (पीजीडीएम) कोर्स कराने वाले सभी बिजनेस स्कूलों को एडमिशन कैंसिलेशन और फीस वापसी को लेकर निर्देश जारी किया है।
इसके मुताबिक दाखिले की अंतिम तिथि से पहले यदि एडमिशन ले चुका कोई छात्र अपना एडमिशन कैंसिल कराता है तो शिक्षण संस्थान को छात्र द्वारा जमा कराई गई फीस में से 1000 रुपये प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में काटकर बची हुई रकम छात्र को वापस करनी होगी। एआईसीटीई ने स्पष्ट रूप से बिजनेस स्कूलों से कहा है कि एडमिशन कैंसिल कराने वाले छात्रों को फीस के साथ उनके द्वारा जमा कराए गए सर्टिफिकेट भी शीघ्र वापस करनी होगी, ताकि उन्हें कहीं और दाखिला लेने में कोई परेशानी नहीं हो।

उल्लंघन कराने पर कड़ी कार्रवाई
एआईसीटीई ने कहा है कि इस निर्देश का उल्लंघन कराने वाले बिजनेस स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी, यहां तक कि उनकी मान्यता रदï्द की जा सकती है। गौरतलब है कि लंबे समय से पीजीडीएम कराने वाले बिजनेस स्कूलों पर यह आरोप लगते रहे हैं कि वह दाखिला रदï्द कराने के बाद छात्रों द्वारा जमा की गई फीस वापस नहीं करता है जो तीन लाख से लेकर करीब 10 लाख के आसपास होती है। इसी के मदï्देनजर एआईसीटीई ने यह दिशा-निर्देश जारी किया है। तय फीस से अधिक वसूलने और मूल दस्तावेज नहीं लौटाने वाले कॉलेज संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की व्यवस्था नए नियमों में की गई है। कॉलेजों को छात्र फैकल्टी का अनुपात एआईसीटीई के मापदंड के अनुसार रखना होगा।

सिर्फ एंट्रेंस एग्जाम के जरिये ही दाखिला
एआईसीटीई ने पीजीडीएम कोर्स कराने वाले सभी बिजनेस स्कूलों से कहा कि इस कोर्स में दाखिला सिर्फ छह एंट्रेंस एग्जाम के जरिए ही हो सकता है। इनमें कैट, जैट, मैट, सीमैट, एटीएमए, जीमैट और राज्य सरकारों द्वारा आयोजित किया जाने वाला एंट्रेंस एग्जाम शामिल है। एआईसीटीई के अंतर्गत पीजीडीएम कोर्स कराने वाले 400 से अधिक बिजनेस स्कूल हैं। वहीं एआईसीटीई ने एक अन्य फैसले के तहत बी फार्मेसी और डी फार्मेसी कोर्सेज को एक ही संस्थान में संचालित करने की मंजूरी दी है। अब तक बी फार्मेसी कोर्स कॉलेजों में और डी फार्मेसी कोर्स पॉलीटेक्निक कॉलेजों में संचालित होते रहे हैं। सत्र 2018-19 की मान्यता के लिए जो प्रक्रिया शुरू होने वाली है, उसमें कॉलेज दोनों पाठ्यक्रमों को एक ही कैंपस में चलाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। एआईसीटीई के इस फैसले के पीछे का कारण छात्रों का रुझान है जो 18 महीने के पीजीडीएम कोर्स के बजाए 24 महीने के एमबीए कोर्स में ज्यादा होता है।

21 महीने का होगा पीजीडीएम कोर्स
एआईसीटीई ने (प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा के संचालन के लिए मानदंड और मानक) अधिनियम, 2017 में ये दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक हर साल एडमिशन प्रक्रिया शुरू करने की तारीख 1 मार्च और एडमिशन कैंसिल कराने की आखिरी तारीख 30 जून तय की गई है। सभी संस्थानों से अपनी वेबसाइट पर फीस का ब्यौरा पब्लिश करने के लिए कहा गया है। साथ ही बिजनेस स्कूलों से कहा गया है कि पीजीडीएम कोर्स की अवधि किसी भी सूरत में 21 महीने से कम नहीं होनी चाहिए, जो अभी करीब 18 महीने है।

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