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कुंभ के बहाने अब असली-नकली हिंदू की सियासत, मंचों से मुद्दा गरमाएंगे विपक्षी दल

प्रयागराज मेला प्राधिकरण इलाहाबाद विधेयक 2017 के पारित होने पर उठाए गए सवाल
अर्धकुंभ का नाम बदलने को लेकर विपक्ष भडक़ा असली हिंदू की लड़ाई शुरू

वीकएंड टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। विधानसभा में भाजपा और सपा के बीच छिड़ी असली-नकली हिन्दू होने की जंग की गूंज अब राजनीतिक मंचों से भी सुनाई देगी। विपक्षी दलों ने इस मामले को गरमाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस मामले को विपक्षी दल राजनीतिक मंचों से उठाएंगे और अर्धकुंभ का नाम बदलने पर सरकार को घेरेंगे।
यह मामला तब गर्म हुआ जब पिछले दिनों उत्तर प्रदेश की 17वीं विधानसभा के पहले शीतकालीन सत्र में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी व कांग्रेस के भारी विरोध के बीच प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश प्रयागराज मेला प्राधिकरण इलाहाबाद विधेयक 2017 पारित हो गया। इसमें सरकार ने अर्ध कुंभ का नाम बदलकर कुंभ करने जबकि पूर्ण कुंभ को महाकुंभ रखने का प्रावधान किया है। इस मामले पर कांग्रेस, सपा और बसपा नेताओं का कहना है कि अर्धकुंभ का नाम बदलकर सरकार ने हमारी सनातन परंपराओं के साथ खिलवाड़ कि या है, जिसको हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मामले को लेकर विपक्ष भाजपा सरकार पर हमलावर हो गया और अब वह भाजपा के इस चेहरे को सियासी मंचों से बेनकाब करने की बात कह रहा है। वहीं भाजपा ने भी विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा है कि जिन लोगों ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाई और जिन लोगों ने मंदिर के ताले को खोलकर फिर से उसे बंद कर दिया है वे कभी असली हिन्दू नहीं हो सक ते हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को पूरी तरह घेरने की तैयारी कर ली है।
दरअसल, असली हिन्दू के मामले ने तब तूल पकडऩा शुरू किया जब प्रयागराज मेला प्राधिकरण इलाहाबाद विधेयक सदन की पटल पर रखा गया। इस विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि आगे से अर्धकुंभ का नाम कुंभ और कुंभ का नाम बदलकर महाकुंभ होगा। जैसे ही सदन की पटल पर यह प्रस्ताव रखा गया, समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के सदस्यों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। यही नहीं इस संशोधन का विरोध करते हुए विपक्षी सदस्यों ने सदन का बहिष्कार तक कर दिया था। समाजवादी पार्टी और अन्य सदस्यों को अर्ध कुंभ का नाम कुंभ और कुंभ का महाकुंभ करने पर आपत्ति जता रहे थे। यही नहीं नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने सरकार के इस कदम को हिंदू विरोधी करार देते हुए इसे हिंदू धर्म को नष्ट करने का मामला बताया है। इसके बाद भाजपा नेताओं ने भी मोर्चा संभाल लिया और कह दिया कि वे लोग असली हिंदू नहीं हो सकते जो कारसेवकों पर गोलियां चलवा चुके हैं।
जिन लोगों ने कार सेवकों पर गोली चलाई वे असली हिन्दू नहीं हो सकते। इतना ही नहीं जिसने मंदिर का ताला खुलवाकर बंद किया वे भी असली हिन्दू नहीं हैं। विपक्ष को वेद पुराण उपनिषद कायदे से पढऩे की जरूरत है। हिन्दू धर्म में कोई भी चीज आधी नहीं है तो कुंभ भी अर्ध नहीं हो सकता है। समाजवादी लोगों को लगने लगा है हिंदुत्व की शरण में जाकर ही उनका यूपी में कुछ हो सकता है। यह तो अच्छी बात है कि वह चाहे हमारे डर या कम्प्टीशन में हिन्दुत्व के रास्ते पर चलने को मजबूर तो हुए।
-सिद्धार्थनाथ सिंह, प्रवक्ता, उत्तर प्रदेश सरकार
कुंभ का नाम बदलना हिंदू धर्म विरोधी है। सरकार हिन्दू धर्म को नष्टï करने पर तुली है। हिन्दू धर्म को नष्टï करने का अधिकार किसी भी दल को नहीं है। सत्ता में रहकर धर्म को बदलने की राजनीति करने वाले असली हिन्दू नहीं हो सकते हैं। राम मंदिर के नाम पर जनता को बेवकूफ बनाने वाले दलों को आने वाले समय में जनता जरूर सबक सिखाएगी। ऐसे लोगों का चेहरा जनता के सामने बेनकाब किया जायेगा ताकि लोगों को पता चले की असली कौन है और नकली कौन है।
-रामगोविन्द चौधरी, नेता प्रतिपक्ष, सपा
वोटों की राजनीति करने वालों को हिन्दू-मुसलमान से कोई लेना-देना नहीं हैं। भाजपा ने हमेशा से तुष्टिïकरण की राजनीति की है और लगातार उसकी यह राजनीति जारी है। सदियों से हम लोगों को यही मालूम है कि अर्धकुंभ, कुंभ और महाकुंभ होता था लेकिन सरकार ने इस प्रकार का बिल सदन में रखकर यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ हिन्दू धर्म के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इस मामले को हम जनता के बीच ले जाएंगे और भाजपा को बेनकाब करेंगे।
-दीपक सिंह, एमएलसी, कांग्रेस

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