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भारत-नेपाल में बढ़ेगा कारोबार

जड़ी-बूटी और जल स्रोत के मामले में समृद्ध है पड़ोसी देश
उत्तराखंड के कारोबारियों ने की शुरुआत

देहरादून। उत्तराखंड के कारोबारियों ने आगे बढ़ कर नेपाल के कारोबारियों के साथ मिल कर काम करने का फैसला किया, जो सरहद के दोनों तरफ सकारात्मक नतीजा दे सकता है। इंडो-नेपाल ट्रेड फेयर के दौरान नेपाल की तरफ से कंचनपुर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री तथा राज्य की तरफ से उत्तराखंड उद्योग संघ ने करार पर दस्तखत किये। दोनों के करार से उत्तराखंड और नेपाल के कारोबार को निश्चित रूप से गति मिल सकती है। फेयर का उद्घाटन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया।
नेपाल चैम्बर्स के अध्यक्ष सुरेश रावल ने करार पर दस्तखत के दौरान कहा कि उत्तराखंड के उद्योग भी आगे बढ़ेंगे अगर नेपाल के साथ मिल कर काम करेंगे। इससे दोनों ही देशों के उद्यमियों को फायदा होगा। दोनों देशों के मध्य सदियों से अच्छे रिश्ते होने से यह फायदा उठाने का मौका दोनों तरफ के लोगों के पास है। नेपाल में जड़ी-बूटी और जल स्रोत का अपार भण्डार है। ऐसे में उसका लाभ मिलजुल कर काम करने पर भारत को भी मिल सकता है। नेपाल में 200 से अधिक किस्म की अद्भुत जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं। उसका इस्तेमाल उत्तराखंड और भारत के उद्योग कर सकते हैं। नेपाल के वाणिज्य और व्यापार मंत्रालय के उप सचिव शिवराज त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड के साथ नेपाल का कारोबार इसलिए भी आगे बढ़ सकता है कि यहां नेपाली मूल के लाखों लोग रहते हैं। व्यापार में आगे बढऩे के लिए दोनों देशों के कारोबारियों को बढ़-चढ़ कर और विश्वास के साथ काम करना होगा।
उत्तराखंड उद्योग संघ के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि नेपाल के साथ कारोबार करने में राज्य के उद्यमी उत्सुक हैं। जल्दी ही वे यह फैसला कर लेंगे कि किस तरह के कारोबार में नेपाल के साथ हाथ मिलाया जाए। उत्तराखंड और नेपाल के बीच करार से दोनों को भी निश्चित तौर पर फायदा हो सकता है। नेपाल से पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों को सीखने का अच्छा मौका इस करार से मिल सकता है। यह छोटा सा पहाड़ी देश मूल रूप से पर्यटन पर आधारित कहा जा सकता है। साल भर नेपाल में विदेशी पर्यटक जम कर आते हैं। जिस तरह की खूबसूरती और नैसर्गिक सौन्दर्य नेपाल में है, वैसी ही उत्तराखंड में भी है। वैसे ही बर्फ से लक-दक ऊंचे पहाड़, घने और खूबसूरत जंगल, नदियां यहां भी भरपूर हैं।
इनका विकास किस तरह किया जाए कि विदेशी पर्यटक यहां जम कर आए, यह नेपाल से सीखा जा सकता है। इससे न सिर्फ रोजगार की समस्या कम होगी बल्कि गांवों से पलायन भी रोका जा सकता है। पहाड़ों में पैरा ग्लाइडिंग और अल्ट्रा लाइट फ्लाइट को उत्तराखंड में भी बढ़ावा दिया जा सकता है। नेपाल में यह न सिर्फ बहुत लोकप्रिय है बल्कि लोगों की आय का प्रमुख जरिया भी है। ट्रेड फेयर में पहली बार नेपाल के अनेक जिलों से आए उद्यमियों ने स्टाल लगाए। नेपाल के हस्तशिल्प, मजबूत लोहे की पारंपरिक खुखरियां, ढाका टोपी, ओढऩे वाली ढाका शाल और कई अन्य वस्तुएं लोगों को खूब लुभाने में सफल रहीं। मुख्यमंत्री रावत के साथ ही प्रमुख उद्यमी अनिल गोयल जो बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी हैं, ने भी नेपाल के उद्यमियों से मुलाकात कर विचार-विमर्श किया।

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