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सहयोग निधि पर घिरी बीजेपी

कांग्रेस का आरोप-जबरन वसूली की
स्कूल और कॉलेजों के साथ ही कारोबारियों को धमकाया

देहरादून। बीजेपी के करोड़ों रुपयों की सहयोग राशि जुटाने की मुहिम पर कांग्रेस ने जम कर हमला बोला है। जिस तरह सत्ता धारी दल ने करोड़ों रूपये उत्तराखंड में जुटाए उस पर कांग्रेस का आरोप है कि यह सब सिर्फ जबरन वसूली के जरिये किया गया है। हाल ही में सहयोग समर्पण राशि कार्यक्रम में बीजेपी को राज्य के मंत्रियों और विधायकों ने करोड़ों रूपये इकठ्ठा कर दिया है। इस अभियान की सफलता पर ऊंगली इसलिए उठाई जा रही है कि मंत्रियों ने करोड़ों रूपये पार्टी को सौंपे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सूर्यकान्त धस्माना ने कहा कि ऐसा सिर्फ सत्तारूढ़ पार्टी अपनी धमक और जबरन वसूली के जरिये ही कर सकती है। उनके पास पुख्ता सुबूत है कि इसके लिए स्कूल, कॉलेजों, दुकानदारों, कारोबारियों, उद्यमियों पर जमकर दबाव डाला गया। यह भ्रष्टाचार तो है, बल्कि इस मामले में बीजेपी नेताओं ने हद को भी पार कर दिया। उनके पास पार्टी की तरफ से दी गई रसीदों की प्रतिलिपियां हैं। एक तरह सरकार और बीजेपी भ्रष्टाचार के खिलाफ हो हल्ला करती है दूसरी तरफ इस तरह के कार्यक्रम कर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रही। यह सोचने वाली बात है कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद लोगों के पास न तो पैसा है न ही कारोबार ही तरीके से चल रहा है, फिर क्यों वे खुशी-खुशी किसी पार्टी को चन्दा देंगे।
पार्टी ने देहरादून के आईसीएसई और सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों के मालिकों को चंदे के दायरे में लिया गया। इसके साथ ही अब स्कूलों को भी मनमानी करने की छूट मिल गई है। इसका खामियाजा उन स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के अभिभावक भुगतेंगे। पार्टी के देहरादून महानगर के अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान ने भी बीजेपी की घेराबंदी करते हुए कहा कि सहयोग निधि राशि कार्यक्रम से सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और ईमानदारी से काम कारोबार करने वाले परेशान होंगे। सत्ताधारी दल का यह कार्यक्रम निहायत लज्जाजनक कहा जाएगा।
कांग्रेस ने बीजेपी को मलिन बस्तियों पर गृह कर लगाने के मुद्दे पर भी घेरा। धस्माना ने कहा कि यह कमजोर तबके के साथ निश्चित तौर पर ज्यादती है। कांग्रेस सरकार ने मलिन बस्तियों को नियमित करने का फैसला लिया था। नगर निगम को उसी वक्त गृहकर लगा देना चाहिए था। इससे बस्तियां तभी नियमित हो जातीं। फिर भी निगम ने ऐसा नहीं किया। निगम के महापौर विनोद चमोली हैं, जो बीजेपी के विधायक भी हैं।

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