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जानें, घर से काम करना क्यों है अच्छा

सर्च से पता चला है कि अमेरिका के लोगों ने 2003 की तुलना में 2012 में औसतन 7 से 8 दिन घर में ज्यादा बिताए। उन्होंने गणना की कि इस तरह से नेशनल एनर्जी यूज को 1.8 फीसदी घटाया जा सकता है।
18 से 24 साल के लोगों के बीच जबरदस्त लाइफस्टाइल चेंज देखा गया जिन्होंने घर पर 14 दिन ज्यादा बिताए थे और मुश्किल से 4 दिन ट्रैवल में। नतीजों से पता चला कि 10 साल से कम समय के भीतर लाइफस्टाइल में जबरदस्त चेंज देखा गया। जहां एनर्जी की बचत की बात आती है तो कम यात्रा वाले दिन खासतौर पर अहमियत रखते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो घर से काम करना हमारे प्लैनेट के लिहाज से भी अच्छा है।
टेक्सास यूनिवर्सिटी के पोस्टडॉक्टोरल फेलो अशोक ने बताया, दरअसल जब हम यात्रा करते हैं उस दौरान एनर्जी इंटेंसिटी घर पर रहने की अपेक्षा प्रति मिनट 20 गुना ज्यादा होती है।
अमेरिकन टाइम सर्वे के डेटा अनैलिसिस से रिसर्चस ने पता लगाया कि अमेरिकी अपना वक्त कैसे बिताते हैं। यूएस सेनेट की एनर्जी एंड नेचुरल रिसोर्सेज कमेटी के स्टाफ डायरेक्टर बॉब के मुताबिक एक समस्या यह भी है कि दिए हुए टाइम में सर्वे में भाग लेने वालों की केवल प्राइमरी ऐक्टिविटी रेकॉर्ड हो पाती है। मान लीजिए, एक पार्टिसिपेंट एक ही वक्त पर खाना बना रहा है और टीवी भी देख रहा है तो सिर्फ कुकिंग ऐक्टिविटी दर्ज हो पाएगी।
स्टडी करने वाले रिसर्चस ने यह बात भी कही कि बदलावों की वजह क्या है यह पता नहीं चल सका है लेकिन उन्हें इतना पता है कि एनर्जी में कुल मिलाकर कमी आई है। उनका कहना है कि किसी भी वजह से अमेरिका के लोग घर पर ज्यादा रह रहे हों पर इसकी वजह से एनर्जी की खपत में कमी आ रही है।

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