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नाराजगी दूर करने में जुटे मुख्यमंत्री

  • जीरो टॉलरेन्स नीति जारी रहेगी
  • नहीं लेंगे टैक्स निगम में जुड़े नए इलाकों से

वीक एंड टाइम्स ब्यूरो

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत नगर निगम में जुड़े इलाकों के लोगों को मनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। ये लोग निगम क्षेत्र में शामिल नहीं होना चाहते। उनको मनाने के लिए रावत ने ऐलान किया कि अगले 10 साल तक उनसे हाउस टैक्स नहीं लेंगे। यह बात अलग है कि इसके बावजूद लोग तैयार नहीं हैं। रायपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी 68 करोड़ 23 लाख रूपये की 22 योजनाओं का लोकार्पण तथा 33 करोड़ 66 लाख की कुल 10 योजनाओं का शिलान्यास करने के दौरान रावत लोगों को समझाने की कोशिश करते दिखे। जिन 32 योजनाओं का लोकापर्ण व शिलान्यास किया गया उनमें उत्तराखण्ड पेयजल निगम, सिंचाई विभाग, एमडीडीए, लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई विभाग, उत्तराखण्ड जल संस्थान व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने रायपुर ब्लॉक के पुराने भवन के जीर्णोद्धार व सभागार के लिए फर्नीचर की व्यवस्था की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगमों को 1500 करोड़ रूपये दिये गये हैं। 2000 कर्मियों की भर्ती भी नगर निकायों में की जाएगी। जिसमें पर्यावरण मित्र तथा अन्य स्टाफ होगा। नगर निकायों में जो नए क्षेत्र मिलाए गए है आने वाले 10 सालों तक उनसे कोई टैक्स ( होम टैक्स आदि) नहीं लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि रिस्पना से ऋषिपर्णा मिशन के अन्र्तगत जल्द ही व्यापक जनभागीदारी से रिस्पना नदी के तटों पर एक ही दिन में लगभग ढाई लाख पौधे लगाये जाएंगे। कोसी व रिस्पना नदियों को पुनर्जीवित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। रिस्पना के उद्गम स्थल लंढौर से राजपुर तक लगभग ढाई लाख पौधों में 30 प्रतिशत फलदार वृक्ष होंगे। अधिकतर ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो भू जलस्तर को सुधारने में
सहायक हों।
रावत ने कहा कि इस बार गैरसैंण में विधानसभा सत्र ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण रहा। भविष्य में राज्य के आर्थिक व सामाजिक विकास की दिशा तय करने में वित्त सत्र सबसे महत्वपूर्ण होता हैं। इस बार के बजट में राज्य के युवाओं, सैनिकों, किसानों, महिलाओं की व्यापक भागीदारी रही। यह बजट पूरी तरह से सर्वसमावेशी बजट है। बजट राज्य के चहुंमुखी विकास को सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को सलाह दी कि वे मात्र कोरी घोषणाएं न करें। योजनाओं का वास्तविक धरातल पर प्रभावी रूप लागू होना जरूरी है। जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का पालन करना होगा। जनता व सरकार के बीच विश्वास बना रहना चाहिए। सरकार आने वाले चार वर्षो के भीतर प्रत्येक घोषणा को पूरा करेगी।
त्रिवेन्द्र ने भ्रष्टाचार की दीमक बताया और इसको नष्ट करने के निरंतर प्रयास को जरूरी बताया। भ्रष्टाचार के खिलाफ जो लड़ाई सरकार ने शुरू की है, वह जारी रहेगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेन्स की नीति अपनाई गई है। एसआईटी सही दिशा में काम कर रही हैं। शिक्षा विभाग में भी फर्जी डिग्री के कई मामले पकड़े गए हैं। खनन राजस्व में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। परिवहन विभाग 150 करोड़ रूपये की लाभ की स्थिति में है। ऊर्जा निगमों के लाभ में भी वृद्धि हुई है। राज्य सुदृढ़ कानून व्यवस्था की दृष्टि से देश में दूसरे स्थान पर है। समय पर उचित उपचार मिलने से दुर्घटना के बाद मौतों में कमी आई हैं।
मुख्यमंत्री ने समस्याओं का स्थायी समाधान को जरूरी करार दिया। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में पानी की समस्या बढ़ सकती है। सूर्यधार योजना से जहां 43 गांवों की पानी की समस्या का समाधान होगा. 7 करो? रूपये की बिजली की बचत भी होगी। सभी प्रकार के अनुमोदन प्राप्त होने के बाद सौंग बांध का शिलान्यास कर दिया जायेगा। सौंग बांध से एक ओर 100 करोड़ रूपये की बिजली की बचत होगी दूसरी ओर 2051 तक क्षेत्र की पानी की समस्या का समाधान होगा। सरकार का लक्ष्य राजपुर क्षेत्र तक ग्रेविटी बेस्ड जल उपलब्ध करवाना है। भाऊवाला योजना से भी जल आपूर्ति की समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हम समस्याओं के जड़ पर प्रहार कर रहे है ताकि आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित व उज्जवल हो। कार्यक्रम को उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत, विधायक उमेश शर्मा काऊ, भाजपा प्रदेश महामंत्री सुनील उनियाल गामा ने भी संबोधित किया।

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