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राजधानी को ओडीएफ बनाने के लिए नगर निगम ने फिर बदली रणनीति, लगाए जाएंगे रेडीमेड टॉयलेट

  • निजी कंपनी से मांगी गई डिजाइन और रेट की जानकारी, लिखे जाएंगे स्वच्छता संबंधी संदेश
  • शिकायत दर्ज कराने के लिए लिखा जाएगा हेल्पलाइन नंबर
  • दो अक्टूबर तक शहर को खुले में शौच मुक्त करने की है डेडलाइन

वीकएंड टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में रेडीमेड शौचालयों के निर्माण के की तैयारी कर रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर और गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए जगह-जगह शौचालय निर्माण किये जा रहे हैं। फिलहाल एक शौचालय निर्माण में दो हफ्ते तक का समय लग जाता है, लेकिन अब शहर भर में रेडीमेड शौचालय लगाए जाने की तैयारी है। सरकार द्वारा राजधानी को ओडीएफ बनाने के लिए 2 अक्टूबर की डेडलाइन दी गई जिसे पूरा करने के लिए तीन दिन में बनने वाले ये शौचलय मददगार साबित होंगे। एक निजी कंपनी को शौचालयों का डिजाइन और रेट तैयार करने को कहा गया। साथ ही कंपनी से ओडीएफ की चुनौतियों को पूरा करने का प्लान भी मांगा गया है।
रेडीमेड शौचालय प्री कॉस्ट टेक्नोलॉजी से बनाए जाएंगे। इसमें तराई और फिनिशिंग की जरूरत नहीं रहेगी। आरसीसी की छत डाली जाएगी और छत पर टंकी रखी जाएगी। बाहर दीवार पर वॉशवेसन भी दिया जाएगा। इसकी लगात करीब 12 हजार के करीब आएगी। राजधानी में ऐसे 141 स्थानों को चिन्हित किया गया है। 90 स्थानों पर शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। अन्य स्थानों पर इन शौचालयों का प्रयोग किया जा सकता है। फिलहाल कई स्थानों पर शौचालय निर्माण होना था लेकिन विभागों के बीच जमीन को लेकर पेंच फंसा है। नदी किनारे सबसे अधिक लोग खुले में शौच करते हंै और ये जमीन सिचाई विभाग की है। ऐसे में पूरे मामला अब शासन स्तर पर विभागों के बीच सुलझाया जा रहा है। अफसरों ने बताया कि दिल्ली, जबलपुर, जयपुर, करनाल, सोहना जैसे शहरों में ये कम्पनी रेडीमेड शौचालय लगा चुकी है। इन शौचालयों की खास बात यह होगी कि ये घरों और सार्वजनिक शौचालयों में भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इन शौचालयों के दरवाजों पर पेंटिंग के साथ संदेश भी दिखेंगे। ऐसे लोगों को शौचालयों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है। इन टॉयलेट्स पर आकर्षित चित्रों के साथ टॉयलेट एक प्रेम कथा, उचित स्थान पर करें शौच, शौचालय इस्तेमाल के बाद धोएं हाथ, जैसे संदेश भी दिखेंगे। इन दरवाजों पर शौचालय गंदा होने या किसी अन्य समस्या को बताने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी दर्शाया जाएगा।

12 हजार आएगी शौचालय निर्माण की लागत

90 स्थानों को राजधानी में किया गया है चिन्हित

141 स्थानों पर निर्माण किया जा रहा है शौचालयों का

शहर का सर्वे करने में जुटी कंपनी

सस्ते और कम लागत में शौचालय बनाने वाली कंपनी का प्रस्ताव मिलने के बाद नगर निगम की ओर से कंपनी को खुले में शौच वाले स्थानों की लिस्ट सौंप दी गई है। अब कंपनी शहर के सर्वे में जुट गई है। सर्वे के बाद कंपनी और नगर निगम अफसरों की बैठक होगी। अफसरों का कहना है कि अगर कंपनी शहर को खुले में शौच से मुक्त करने का भरोसा दिलाएगी तो ही कंपनी को शौचालय निर्माण का काम दिया जाएगा।

मुख्य बिंदु

कम लागत में बनेंगे।
जॉइंट फ्री होंगे शौचालय।
आरसीसी से होगा निर्माण।
तीन दिन में निर्माण कार्य होगा पूरा।
सीवर से कनेक्ट करने की सुविधा।
सीवर न होने पर टैंक की सुविधा।
पानी, बिजली कनेक्शन।
वेस्टर्न सीट भी उपलब्ध।
इंडियन सीट की भी व्यवस्था।
वॉसवेसन की सुविधा भी।

कंपनी की ओर से रेडीमेड टॉयलेट का प्रपोजल आया है। कंपनी को शहर के सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद अगर कंपनी खुले में शौच को बंद करने का वादा करेगी तो उसके प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
पीके श्रीवास्तव
अपर नगर आयुक्त

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