You Are Here: Home » UTTAR PRADESH » तहजीब के शहर को लगी वहशियों की नजर बच्चियां भी नहीं सुरक्षित राजधानी में थम नहीं रहीं रेप की वारदातें कहीं किया भरोसे का कत्ल तो कहीं बीमार को भी बनाया शिकार १११ वीकएंड टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क लखनऊ। तहजीब के शहर लखनऊ को वहशियों की नजर लग गई है। राजधानी में रेप की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। यही नहीं नाबालिग और बच्चियों तक को शिकार बनाया जा रहा है। कई मामलों में रेप करने वाले परिचित निकल रहे हैं। कहीं भरोसे का कत्ल किया जा रहा है तो कहीं बीमार को शिकार बनाया जा रहा है। यही नहीं घर आयी किशोरी के साथ चाकू की नोक पर बलात्कार किया जा रहा है। समाजशास्त्री इन वारदातों के लिए समाज के बदले स्वरूप और इंटरनेट पर फैले पोर्न फिल्मों को जिम्मेदार बता रहे हैं। वहीं मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह मानसिक बीमारी है और इसका इलाज किया जाना चाहिए। पिछले दिनों सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में अपने घर से सामान लेने दुकान पर गई एक असाध्य रोग से पीडि़त किशोरी को उसका परिचित बहला-फुसला कर सूनसान स्थान पर ले गया और अपने दोस्तों के साथ गैंगरेप किया। किसी तरह दरिंदों के चंगुल से बचकर इस लडक़ी ने जब एक अधेड़ बाइक सवार से मदद मांगी तो उसने भी उसके साथ बलात्कार किया। इसी तरह निगोहां क्षेत्र के गांव में रहने वाली किशोरी अपने पड़ोसी के घर चार्जर मांगने गयी थी। किशोरी को नरेंद्र रावत ने बंधक बना लिया और उसके साथ रेप किया। रेप के बाद नरेंद्र ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला भी किया, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गयी। किशोरी को जख्मी हालत में देखकर वहां से गुजर रहे राहगीरों ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दी। किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यही नहीं यहां मासूम बच्चियां भी रेप का शिकार हो रही हैं। ऐसा ही एक मामला पिछले दिनों मडियांव थाना क्षेत्र में प्रकाश में आया। जहां पर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ने एक मासूम के साथ घिनौनी हरकत की। बच्ची की चीख सुनकर पड़ोसी पहुंचे और पहले तो बुजुर्ग को जमकर पीटा ओर बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। ये वे घटनाएं जहां पर अपने साथ हुयी घटना को किशोरी या उसके परिवार वालों ने हिम्मत करके पुलिस में दर्ज कराया है। कई ऐसी वारदातें भी है जहां पीडि़ता या उसके परिवार वालों ने लोकलाज के भय से किसी को नहीं बताया। ये घटनाएं बस बानगी भर हैं। राजधानी में आए दिन बच्चियों, किशोरियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म किए जा रहे हैं। समाजशास्त्री इन घटनाओं के पीछे बाजारवाद और इंटरनेट की पोर्न साइटों और समाज में गिरते नैतिक मूल्यों को जिम्मेदार बता रहे हैं। मनोवैज्ञानिक डॉ. मलयकांत सिंह का कहना है कि ऐसी वारदातों को मानसिक कुंठा और बीमारी से पीडि़त व्यक्ति अंजाम देते हैं। वहीं पीडि़त अवसाद ग्रस्त हो जाती है। समाज पर बाजारवाद बहुत हावी हो गया है। परिवार का महत्व घटा हैं और लोग एकाकी जीवन जीना पसंद करते हैं। इंटरनेट के चलन के कारण लोग पोर्नोग्राफी ज्यादा देख रहे हैं और इसका दुष्परिणाम रेप जैसी वारदातों के रूप में दिखाई दे रहा है। समाज में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने से इन घटनाओं को रोका जा सकता है। -प्रो. डी आर साहू, विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र, एलयू राजधानी में आए दिन बच्चियों, किशोरियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं। समाजशास्त्री इन घटनाओं के पीछे बाजारवाद और इंटरनेट पर चल रही पोर्न साइटों और समाज में गिरते नैतिक मूल्यों को जिम्मेदार बता रहे हैं। वहीं मनोवैज्ञानिक इसे मानसिक बीमारी बता रहे हैं।

तहजीब के शहर को लगी वहशियों की नजर बच्चियां भी नहीं सुरक्षित राजधानी में थम नहीं रहीं रेप की वारदातें कहीं किया भरोसे का कत्ल तो कहीं बीमार को भी बनाया शिकार १११ वीकएंड टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क लखनऊ। तहजीब के शहर लखनऊ को वहशियों की नजर लग गई है। राजधानी में रेप की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। यही नहीं नाबालिग और बच्चियों तक को शिकार बनाया जा रहा है। कई मामलों में रेप करने वाले परिचित निकल रहे हैं। कहीं भरोसे का कत्ल किया जा रहा है तो कहीं बीमार को शिकार बनाया जा रहा है। यही नहीं घर आयी किशोरी के साथ चाकू की नोक पर बलात्कार किया जा रहा है। समाजशास्त्री इन वारदातों के लिए समाज के बदले स्वरूप और इंटरनेट पर फैले पोर्न फिल्मों को जिम्मेदार बता रहे हैं। वहीं मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह मानसिक बीमारी है और इसका इलाज किया जाना चाहिए। पिछले दिनों सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में अपने घर से सामान लेने दुकान पर गई एक असाध्य रोग से पीडि़त किशोरी को उसका परिचित बहला-फुसला कर सूनसान स्थान पर ले गया और अपने दोस्तों के साथ गैंगरेप किया। किसी तरह दरिंदों के चंगुल से बचकर इस लडक़ी ने जब एक अधेड़ बाइक सवार से मदद मांगी तो उसने भी उसके साथ बलात्कार किया। इसी तरह निगोहां क्षेत्र के गांव में रहने वाली किशोरी अपने पड़ोसी के घर चार्जर मांगने गयी थी। किशोरी को नरेंद्र रावत ने बंधक बना लिया और उसके साथ रेप किया। रेप के बाद नरेंद्र ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला भी किया, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गयी। किशोरी को जख्मी हालत में देखकर वहां से गुजर रहे राहगीरों ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दी। किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यही नहीं यहां मासूम बच्चियां भी रेप का शिकार हो रही हैं। ऐसा ही एक मामला पिछले दिनों मडियांव थाना क्षेत्र में प्रकाश में आया। जहां पर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ने एक मासूम के साथ घिनौनी हरकत की। बच्ची की चीख सुनकर पड़ोसी पहुंचे और पहले तो बुजुर्ग को जमकर पीटा ओर बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। ये वे घटनाएं जहां पर अपने साथ हुयी घटना को किशोरी या उसके परिवार वालों ने हिम्मत करके पुलिस में दर्ज कराया है। कई ऐसी वारदातें भी है जहां पीडि़ता या उसके परिवार वालों ने लोकलाज के भय से किसी को नहीं बताया। ये घटनाएं बस बानगी भर हैं। राजधानी में आए दिन बच्चियों, किशोरियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म किए जा रहे हैं। समाजशास्त्री इन घटनाओं के पीछे बाजारवाद और इंटरनेट की पोर्न साइटों और समाज में गिरते नैतिक मूल्यों को जिम्मेदार बता रहे हैं। मनोवैज्ञानिक डॉ. मलयकांत सिंह का कहना है कि ऐसी वारदातों को मानसिक कुंठा और बीमारी से पीडि़त व्यक्ति अंजाम देते हैं। वहीं पीडि़त अवसाद ग्रस्त हो जाती है। समाज पर बाजारवाद बहुत हावी हो गया है। परिवार का महत्व घटा हैं और लोग एकाकी जीवन जीना पसंद करते हैं। इंटरनेट के चलन के कारण लोग पोर्नोग्राफी ज्यादा देख रहे हैं और इसका दुष्परिणाम रेप जैसी वारदातों के रूप में दिखाई दे रहा है। समाज में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने से इन घटनाओं को रोका जा सकता है। -प्रो. डी आर साहू, विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र, एलयू राजधानी में आए दिन बच्चियों, किशोरियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं। समाजशास्त्री इन घटनाओं के पीछे बाजारवाद और इंटरनेट पर चल रही पोर्न साइटों और समाज में गिरते नैतिक मूल्यों को जिम्मेदार बता रहे हैं। वहीं मनोवैज्ञानिक इसे मानसिक बीमारी बता रहे हैं।

  • राजधानी में थम नहीं रहीं रेप की वारदातें
  • कहीं किया भरोसे का कत्ल तो कहीं बीमार को भी बनाया शिकार

वीकएंड टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। तहजीब के शहर लखनऊ को वहशियों की नजर लग गई है। राजधानी में रेप की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। यही नहीं नाबालिग और बच्चियों तक को शिकार बनाया जा रहा है। कई मामलों में रेप करने वाले परिचित निकल रहे हैं। कहीं भरोसे का कत्ल किया जा रहा है तो कहीं बीमार को शिकार बनाया जा रहा है। यही नहीं घर आयी किशोरी के साथ चाकू की नोक पर बलात्कार किया जा रहा है। समाजशास्त्री इन वारदातों के लिए समाज के बदले स्वरूप और इंटरनेट पर फैले पोर्न फिल्मों को जिम्मेदार बता रहे हैं। वहीं मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि यह मानसिक बीमारी है और इसका इलाज किया जाना चाहिए।
पिछले दिनों सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में अपने घर से सामान लेने दुकान पर गई एक असाध्य रोग से पीडि़त किशोरी को उसका परिचित बहला-फुसला कर सूनसान स्थान पर ले गया और अपने दोस्तों के साथ गैंगरेप किया। किसी तरह दरिंदों के चंगुल से बचकर इस लडक़ी ने जब एक अधेड़ बाइक सवार से मदद मांगी तो उसने भी उसके साथ बलात्कार किया। इसी तरह निगोहां क्षेत्र के गांव में रहने वाली किशोरी अपने पड़ोसी के घर चार्जर मांगने गयी थी। किशोरी को नरेंद्र रावत ने बंधक बना लिया और उसके साथ रेप किया। रेप के बाद नरेंद्र ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला भी किया, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गयी। किशोरी को जख्मी हालत में देखकर वहां से गुजर रहे राहगीरों ने इसकी सूचना उसके परिजनों को दी। किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यही नहीं यहां मासूम बच्चियां भी रेप का शिकार हो रही हैं। ऐसा ही एक मामला पिछले दिनों मडियांव थाना क्षेत्र में प्रकाश में आया। जहां पर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ने एक मासूम के साथ घिनौनी हरकत की। बच्ची की चीख सुनकर पड़ोसी पहुंचे और पहले तो बुजुर्ग को जमकर पीटा ओर बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। ये वे घटनाएं जहां पर अपने साथ हुयी घटना को किशोरी या उसके परिवार वालों ने हिम्मत करके पुलिस में दर्ज कराया है। कई ऐसी वारदातें भी है जहां पीडि़ता या उसके परिवार वालों ने लोकलाज के भय से किसी को नहीं बताया। ये घटनाएं बस बानगी भर हैं। राजधानी में आए दिन बच्चियों, किशोरियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म किए जा रहे हैं। समाजशास्त्री इन घटनाओं के पीछे बाजारवाद और इंटरनेट की पोर्न साइटों और समाज में गिरते नैतिक मूल्यों को जिम्मेदार बता रहे हैं। मनोवैज्ञानिक डॉ. मलयकांत सिंह का कहना है कि ऐसी वारदातों को मानसिक कुंठा और बीमारी से पीडि़त व्यक्ति अंजाम देते हैं। वहीं पीडि़त अवसाद ग्रस्त हो जाती है।

समाज पर बाजारवाद बहुत हावी हो गया है। परिवार का महत्व घटा हैं और लोग एकाकी जीवन जीना पसंद करते हैं। इंटरनेट के चलन के कारण लोग पोर्नोग्राफी ज्यादा देख रहे हैं और इसका दुष्परिणाम रेप जैसी वारदातों के रूप में दिखाई दे रहा है। समाज में नैतिक मूल्यों को स्थापित करने से इन घटनाओं को रोका जा सकता है।
-प्रो. डी आर साहू,
विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र, एलयू

राजधानी में आए दिन बच्चियों, किशोरियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं। समाजशास्त्री इन घटनाओं के पीछे बाजारवाद और इंटरनेट पर चल रही पोर्न साइटों और समाज में गिरते नैतिक मूल्यों को जिम्मेदार बता रहे हैं। वहीं मनोवैज्ञानिक इसे मानसिक बीमारी बता रहे हैं।

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