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नौकरशाही ने आला नौकरशाह को भी नहीं बख्शा

  • राजस्व परिषद अध्यक्ष रामास्वामी का घर अंधेरे में डूबा

देहरादून। प्रदेश की नौकरशाही को लेकर हमेशा चर्चा रहती है कि वह सरकार पर हावी रहती है और मंत्रियों तक को अनदेखा कर देती है। बाकी सियासतदां की तो बिसात ही क्या। इसका कड़वा स्वाद अब खुद आला नौकरशाह एस रामास्वामी ने भी चख लिया। देहरादून में वह कैंट इलाके में रहते हैं। गढ़ी कैंट में आईएचएम परिसर में बने पांच बंगलों में से एक में वह रहते हैं। हाल ही में जब आंधी-तूफान ने कहर ढाया और शहर भर में बिजली गुल हो गई तो उनके बंगले में भी अंधेरे ने कब्जा जमा लिया।

दो साल की सेवा बची है पूर्व मुख्य सचिव की

पूर्व मुख्य सचिव और सबसे आला नौकरशाहों में शुमार रामास्वामी ने इसकी सूचना जब बिजली महकमे को दी तो महकमे के लोगों ने कोई तवज्जो ही नहीं दी। रामास्वामी ने कई जगह आला अफसरों से बात की लेकिन बिजली नहीं आई। मजबूर होकर रामास्वामी को जनरेटर के जरिये अपने बंगले में बिजली का बंदोबस्त करना पड़ा। रामास्वामी के मुताबिक उन्होंने तीन रातें जनरेटर की बिजली में गुजारी। इसके लिए डीजल का बंदोबस्त भी अपनी जेब से किया। राज्य संपत्ति महकमे ने भी इसके लिए कोई मदद नहीं की। बंगले का निर्माण उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने क्या है लेकिन निगम से सरकार ने बंगले हस्तांतरित नहीं करवाए हैं। रामास्वामी के बंगले में अभी तक बिजली की मीटर भी इसी के चलते नहीं लगे हैं। इसका मतलब ये भी हुआ कि वह अवैध रूप से बाकी दिनों में बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। वैसे इस बंगले में वह तभी से रह रहे, जब मुख्य सचिव थे। उन्होंने मुख्य सचिव रहने के दौरान उस बंगले का इस्तेमाल ही नहीं किया, जो मुख्य सचिव के लिए आवंटित है। राजपुर रोड स्थित इस बंगले पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की नजर थी। इसके कारण रामास्वामी ने खुद ही बंगले को छोड़ दिया था। अपने साथ हुए बर्ताव के बाद रामास्वामी का अहसास हो गया होगा कि प्रदेश में नौकरशाही का आलम क्या है। अभी तो रामास्वामी को रिटायर होने में दो साल का अरसा बचा है। कभी हालात बदल गए और मुख्यमंत्री का इरादा बना तो वह फिर मुख्य सचिव आ भी सकते हैं। इसके बावजूद उनको जिस तरह उर्जा निगम और नौकरशाही ने बर्ताव किया वह हैरान करने वाला है। इससे पहले एक और पूर्व मुख्य सचिव और मौजूदा मुख्य आयुक्त (सेवा का अधिकार आयोग) आलोक जैन को भी तब नौकरशाही की कार्यशैली की असलियत का अहसास हुआ था जब आयोग से सम्बंधित एक फाइल को क्लीयर होने में महीने से ज्यादा लग गया था और सचिवालय में तमाम अडग़े लगाए जाते रहे थे। खास बात यह है कि प्रदेश में नौकरशाही को ले कर आपत्ति शुरू से जताई जाती रही है। इसके बावजूद कोई भी सरकार ऐसी नहीं आई, जो नौकरशाही पर अंकुश लगाने में सफल रह पाई हो या इरादा भी दिखाया हो।

दिव्यांगों की जिंदगी को आसान बनाने को बांटे उपकरण

  • स्पीकर ने दिव्यांगों में भरोसा जताने की जताई जरूरत

वीक एंड टाइम्स ब्यूरो

ऋ षिकेश। समाज कल्याण विभाग, उत्तराखंड सरकार के सौजन्य से इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड ने ऋ षिकेश में दिव्यांग जनों को नि:शुल्क सहायक उपकरणों के वितरण हेतु प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया । शिविर में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शिरकत की।
इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड के सीएसआर योजना के अंतर्गत दिव्यांग जनों को कृत्रिम अंग एवं कैलीपर्स, ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर, बैसाखी,कान की मशीन, मानसिक रोगियों के लिए किट, कुष्ठ रोगियों की किट आदि उपकरण वितरित किए जा रहे हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए भारी संख्या में दिव्यांगजनों ने परीक्षण शिविर में पहुंच कर अपना परीक्षण एवं पंजीकरण कराया। शिविर के दौरान विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांग जनों का परीक्षण किया गया। शिविर के आयोजक भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम,कानपुर ने बताया गया कि इन सभी दिव्यांग जनों को नि:शुल्क सहायक उपकरण वितरित किए जाएंगे। शिविर में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र,देहरादून एवं हेप्पी फैमिली हेल्थ केयर एवं रिसर्च एसोसिएशन,रुडक़ी संस्थाओ द्वारा अपनी सहभागिता दिखाई। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दिव्यांगों के प्रति दया भाव दिखाने के बजाय उनके अधिकार देकर समाज की मुख्य धारा में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शारीरिक रूप से अक्षम भी अपने बुद्धि विवेक एवं प्रतिभा से समाज के विकास में योगदान दे रहे हैं। दिव्यांगजनों को कौशल विकास व रोजगारपरक शिविरों में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज के हर सक्षम व्यक्ति को प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग जनों को सहायक उपकरण उपलब्ध हो जाने से उनकी जिंदगी का एक नया सफऱ शुरू हो जाता है और वह अपने जीवन के सभी कार्य आसानी से कर सकते हैं । इससे दिव्यांग जन के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं । उन्होंने दिव्यांगजनों की सहायता को भी मानवता की एक सेवा करार दिया। अग्रवाल ने सभी संस्थाओं को दिव्यांग जनों की सेवा के लिए किए जाने वाले कार्यों की प्रशंसा करते हुए शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी हरिगिरी ,डॉ.नरेंद्र सिंह तोमर, डॉ. एमपी सिंह, गणेश शुक्ला, रविंद्र कश्यप, कविता साह, वीरेंद्र रमोला, संजीव चौहान, शिव कुमार गौतम, रीना शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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