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फिर गरजे बुलडोजर, चले हथौड़े-घन

  • अब होगा शहर का सौन्दर्यीकरण
  • अवैध अतिक्रमण हटाने का उच्च न्यायालय का फरमान

वीक एंड टाइम्स ब्यूरो

देहरादून। राजधानी के प्रमुख मार्गों पर एक बार फिर बुलडोजर और भारी घन गरज पड़े हैं। उच्च न्यायालय के फरमान पर देहरादून शहर में इन दिनों अवैध निर्माण, कब्जे और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही है। जहाँ भी अभियान चला वहां बाद में सडक़ें एकदम चौड़ी दिखने लगी है। आम लोग इससे खुश भी दिख रहे। अभियान में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण, नगर निगम एवं जिला प्रशासन मिल कर कार्य कर रहे हैं। इस अभियान के अन्तर्गत 200 के करीब अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त किया जा चुका है। 513 कार्मिकों ने 199 अतिक्रमित भवनों का चिन्ह्किरण एवं 10 कार्मिकों ने 6 भवनों के सिलिंग का कार्य किया। अतिक्रमण हटाने के अभियान के बाद शहर को सुन्दर बनाने का अभियान शुरू होगा। इससे पहले चकराता मार्ग पर एक दशक पहले तब बहुत प्रभावी कार्रवाई हुई थी जब बीजेपी राज में ही बीसी खंडूड़ी और डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक बारी-बारी से मुख्यमंत्री बने थे।
ये संयोग है कि इस बार भी सरकार बीजेपी की है, लेकिन कार्रवाई अदालत के आदेशों के अनुपालन में हो रही है। अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी शासन स्तर पर खुद अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने संभाली है। अभियान जब शुरू हुआ तो कई स्थानों पर पहले तो अभियान दल को विरोध कर सामना करना पड़ा। जब उनको बताया गया कि ये कार्रवाई अदालत के आदेश पर हो रही है तो कई लग खुद ही अतिक्रमण ध्वस्त भी करते दिखे। अदालत ने मनमोहन लखेड़ा की जनहित याचिका पर कार्रवाई पर अतिक्रमण हटाने का आदेश सरकार को दिया था। दरअसल अतिक्रमण और अवैध कब्जों के कारण कभी खूबसूरती का पर्याय कहे जाने वाले देहरादून शहर की सुन्दरता कुरूपता में तब्दील होती जा रही थी। साथ ही माफिया किस्म के लोग अवैध कब्जे कर रहे थे। अफसरों और इंजीनियरों से मिलीभगत कर अवैध निर्माण कर रहे थे। जब खंडूरी और निशंक के वक्त अतिक्रमण हटाए जा रहे थे तब बहुत ज्यादा विरोध सरकार और जिला प्रशासन को झेलना पड़ा था। उस वक्त के जिलाधिकारी डॉ.राकेश कुमार को इस लिए याद किया जाता है कि उन्होंने किसी भी सियासी दबाव तक को नहीं माना। उन्होंने अभियान शुरू और खत्म कर के ही सांस ली थी।
अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर ही देहरादून शहर के अनधिकृत निर्माणों एवं अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाये जाने के बाद शहर की सडक़ों का चौड़ीकरण एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य भी किया जायेगा, जिससे आम जन-मानस को लाभ मिलेगा। शनिवार व रविवार को शहर की सडकों में यातायात कम रहता है, इसलिये अतिक्रमण हटाये जाने का कार्य उस दिन ज्यादा होंगे। अतिक्रमण को हटाने के लिये अतिक्रमण हटाओ अभियान टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें राजस्व-प्रशासन, दिवानी, फौजदारी, अपर सचिव न्याय, लोक निर्माण विभाग व नगर निगम सम्मिलित है। ओमप्रकाश ने कहा कि यदि ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के दौरान गठित फोर्स को कार्मिकों, डोजर व अन्य उपकरणों की अतिरिक्त आवश्यकता होगी तो उपलब्ध कराये जायेंगे।
अतिक्रमण हटाओ अभियान टास्क फोर्स के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष एमडीडीए. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का मौके पर पहुंच कर खुद नियमित निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसे लोगों को चिन्ह्ति कर रहा है, जो अतिक्रमण के चिन्ह्ति भवनों से निशानों को मिटा रहे। ऐसे लोगों के विरूद्ध सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने का संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज कराये जायेंगे। जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने कहा कि ध्वस्तीकरण का कार्य नियमानुसार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि वे अतिक्रमण खुद हटा लें। प्रशासन ने हटाया तो सम्बंधित अतिक्रमण कारी से खर्च की वसूली भी की जाएगी। नगर निगम के मुख्य नगर अधिकारी विजय जोगदंड ने कहा कि अभियान पूरी गति से चल रहा है।

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