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विपक्ष को पस्त करेगा किसान दांव !

  • मिशन 2019 के लिए भाजपा ने चलाया ब्रम्हास्त्र
  • क़र्ज़ की घोषणा कर यूपी में फैराया था परचम
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य ढेड़ गुना बढ़ाकर चौंकाया

संजय शर्मा @WeekandTimes

लोकसभा चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है। सियासी दलों के सूरमाओं ने जंग की तैयारी शुरू कर दी है। एक ओर विपक्ष एकजुट होकर भाजपा का विजय रथ रोकने की रणनीति बना रहा है वहीं दूसरी ओर भाजपा ने मिशन 2019 को लक्ष्य कर अभी से ब्रह्मïास्त्र का संधान कर दिया है। मोदी सरकार ने फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य में डेढ़ गुने की वृद्धि कर विपक्ष को चौंका दिया है। सियासी गलियारों में पीएम मोदी के किसान दांव को महागठबंधन की काट के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा नेतृत्व को पूरी उम्मीद है कि जिस तरह कर्ज माफी की घोषणा ने उसे उत्तर प्रदेश की सत्ता तक पहुंचा दिया था, वैसे ही समर्थन मूल्य में वृद्धि से खुश अन्नदाता उसे दोबारा दिल्ली का तख्त सौंपने में कोई कोताही नहीं बरतेंगे। हालांकि यह तो वक्त बताएगा कि भाजपा की यह उम्मीद पूरी होती है या नहीं, लेकिन मोदी के किसान दांव ने विपक्षियों में हलचल जरूर पैदा कर दी है।

…..भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी है। विपक्ष के महागठबंधन को देखते हुए वह नए पैंतरे आजमा रही है। जातीय समीकरण के साथ वह किसानों को साधने में जुट गई है। दरअसल, भाजपा ने किसानों की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। किसानों को राहत देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने फसलों के समर्थन मूल्य में डेढ़ गुने का इजाफा किया है। इससे करीब 14 फसलों के समर्थन मूल्य में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसके साथ भाजपा सरकार किसानों से किया गया अपना वादा पूरा करने का दावा भी कर रही है। सच यह है कि भाजपा किसानों को वोट बैंक में बदलने की कोशिश कर रही है। अभी तक जाति के आधार पर वोट बैंक बनते रहे हैं। वोट बैंक नहीं होने के कारण किसानों को लगभग सभी दल सत्ता में आने के बाद उपेक्षित करते रहे हैं। यदि किसानों ने भाजपा की नीतियों को स्वीकार कर लिया तो वे भाजपा को आसानी से सत्ता तक पहुंचा देंगे। यही वजह है कि भाजपा केंद्रीय बजट, कर्जमाफी और समर्थन मूल्य को लेकर किसानों के हितों पर लगातार फोकस कर रही है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने संयुक्त रूप से कहा कि भाजपा ने 2014 में किसानों से उनकी लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिलाने का वादा किया था। उसे पूरा कर दिया गया है। खरीफ की सबसे प्रमुख फसल धान की एमएसपी 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाते हुए 1550 रुपये से 1750 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कृषि उपजों के दाम गिरने से किसान परेशान हैं और अगले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उड़ीसा और मिजोरम में विधानसभा चुनाव हैं। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा सत्ता में है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहा जाता है और उड़ीसा भी धान उत्पादक राज्य है। इस लिहाज से एमएसपी में की गई बढ़ोतरी का सीधा फायदा भाजपा लेने की कोशिश करेगी। मध्य प्रदेश के किसानों में राज्य की शिवराज सिंह सरकार के खिलाफ काफी नाराजगी है। बीते साल मंदसौर का किसान आंदोलन चर्चा में रहा और बीते एक साल में राज्य में हुए सभी उपचुनावों में भाजपा की हार के लिए किसानों की नाराजगी को अहम कारण बताया गया। दलहन और तिलहन के साथ कपास के एमएसपी में की गई डेढ़ गुने की बढ़ोतरी किसानों के जख्म पर मलहम का काम कर सकती है और भाजपा इसे प्रचारित कर चुनावी फायदा ले सकती है। देश में करीब साढ़े 11 करोड़ किसान है। समर्थन मूल्य बढऩे से सभी किसानों में सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश गया है। इसका लाभ भाजपा आने वाले लोकसभा चुनाव में उठाएगी। यह भी संभव है कि किसानों को लेकर प्रधानमंत्री मोदी आने वाले दिनों में कुछ और घोषणाएं करें। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में यहां के किसानों ने अहम भूमिका निभाई है। प्रदेश में करीब दो करोड़ तीस लाख किसान हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान स्वयं पीएम मोदी ने किसानों की स्थिति को देखते हुए सार्वजनिक मंच से प्रदेश की सत्ता में आने पर कर्ज माफी की घोषणा की थी। लिहाजा किसानों ने भाजपा का खुलकर साथ दिया था। भाजपा यहां सत्ता में पहुंची और योगी सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में किसानों के कर्जमाफी की घोषणा की। जाहिर है भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से किसान लोकसभा चुनाव में उसे दोबारा सत्ता में पहुंचा देंगे। उत्तर प्रदेश पर भी भाजपा विशेष ध्यान दे रही है। यहां सपा-बसपा के गठबंधन को देखते हुए भाजपा ने किसानों पर फोकस किया है। यदि किसानों ने भाजपा का समर्थन किया तो निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरण गड़बड़ा जाएगा क्योंकि किसानों में सभी जाति और धर्म के लोग है। इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा।

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