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सामाजिक मनोरोग की दशा

हर मामले में हत्या से पहले वॉट्सऐप के जरिए ऐसी अफवाह फैलाई जाती हंै। अफवाहें पहले भी फैलती रही हैं। इनसे लोग प्रभावित भी होते रहे हैं। ऐसे में वे ज्यादा चौकस हो जाएं, गांव-मोहल्ले में पहरा देने लगें, यह स्वाभाविक है। लेकिन पकड़े गए लोगों को मौके पर ही पीट-पीटकर मार डाला जाए, यह स्वाभाविक नहीं है। पुलिस की जरूर अपनी सीमा है। हर मामले में पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच जाए, यह संभव नहीं है।

अर्चना दयाल

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