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यूपी के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की कवायद, प्रवासी भारतीयों से लेंगे मदद

  • पीपीपी मॉडल पर तैयार किया जा रहा मसौदा फिक्की ने की पहल
  • प्रदेश सरकार ने भी मदद का दिया भरोसा, जल संरक्षण पर भी दिया गया बल

वीक एंड टाइम्स न्यूज नेटवर्क
लखनऊ। यूपी के नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की कवायद तेज हो गई है। योजना को अमलीजामा पहनाने में कुंभ में आने वाले प्रवासी भारतीयों से भी मदद ली जायेगी। इसको लेकर भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
नागरिकों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराने के लिए पीपीपी मॉडल का सहारा लिया जा रहा है। इस मुद्दे पर पिछले दिनों फिक्की और सरकार के अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। योजना का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी फिक्की ने ली है। हालांकि इस बैठक के बाद जल निगम के अधिकारियों को पेयजल की एक कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए दिल्ली बुलाया गया था लेकिन वहां कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। वहीं 19 जून को शुद्ध पेयजल सहित तमाम मुद्दों को लेकर राजधानी में एक सेमिनार का आयोजन भी किया गया। सेमिनार में राज्यपाल सहित प्रदेश के मंत्रियों और अधिकारियों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस दौरान राज्यपाल रामनाईक ने बड़ी इंडस्ट्री के साथ छोटे कारखानों में भी डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़ी बातों पर ध्यान देने की सलाह दी। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना और अधिकारियों ने शुद्ध पेयजल और अन्य उद्योगों को लेकर अपने विचार रखे थे। फिक्की के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल निरंकार सक्सेना ने यूपी जल निगम के साथ मिलकर डिजास्टर मैनेजमेंट का प्लान तैयार करने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि पीपीपी मॉडल पर जल संरक्षण के लिए ठोस काम किया जायेगा। इसी कड़ी में 15 अगस्त को एक प्रोग्राम ‘हर जिले में वाटर सेव कार्यक्रम’ आयोजित किया जाएगा।

राज्यपाल रामनाईक ने बड़ी इंडस्ट्री के साथ छोटे कारखानों में भी डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़ी बातों पर ध्यान देने की सलाह दी। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना और अधिकारियों ने शुद्ध पानी और अन्य उद्योगों को लेकर अपने विचार रखे थे।

सरकार चिंतित पर अधिकारी लापरवाह

पीपीपी मॉडल के जरिये प्रदेश के लोगों तक शुद्ध पानी पहुंचाने की मुहिम को लेकर प्रदेश सरकार भले गंभीर है लेकिन अधिकारी लापरवाह दिख रहे हैं। इसकी एक बानगी दिल्ली में फिक्की की ओर से आयोजित बैठक में देखने को मिली। इस मसौदे के तहत पूरे देश से उन लोगों बुलाया गया था जिन्होंने शुद्ध पेय जल को लेकर विभिन्न प्रदेशों में काम किया है। उत्तर जल निगम के अधिकारियों को भी यूपी में पेयजल की सही स्थिति जानने के लिए बुलाया गया था लेकि न यहां से कोई भी बैठक में नहीं पहुंचा।

कुंभ में बुलाये गये प्रवासी भारतीय

जनवरी 2019 में वाराणसी में प्रवासी भारतीय दिवस का भी आयोजन किया जा रहा है। जनवरी में ही प्रयाग कुम्भ का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें लगभग 12 करोड़ लोगों का आगमन संभावित है। सभी राजदूतों ने इन आयोजनों में अनिवासी भारतीय समुदाय से भागीदारी करने का अनुरोध किया। इसी कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों से यूपी में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।

प्रदेश के गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर सरकार भरपूर प्रयास कर रही है। अगर पीपीपी मॉडल के जरिए लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की कोशिश होगी तो पूरा सहयोग किया जाएगा।
अनूप चंद्र पांडेय ,मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश

यूपी में शुद्ध पेयजल की समस्या बेहद गंभीर है। प्रदेश के लोगों को शुद्ध पेयजल कैसे उपलब्ध कराया जाये, इस पर प्रयास जारी है। इस मुद्दे पर कई बैठकें हो चुकी हैं। कुंभ में आने वाले प्रवासी भारतीयों से इस मामले को लेकर बातचीत की जायेगी।
-निरंकार सक्सेना, डिप्टी सेक्रेटरी जनरल, फिक्की

 

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