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नगर निगम की अरबों की जमीन पर भू-माफिया का कब्जा, हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं जिम्मेदार

  • सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेशों का भी नहीं पड़ रहा असर
  • पार्षदों और स्थानीय लोगों की शिकायतों को भी किया जा रहा नजरअंदाज

वीक एंड टाइम्स न्यूज नेटवर्क
लखनऊ। सीएम योगी की सख्ती के बावजूद शहर में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हंै। नगर निगम की अरबों की जमीन पर भू-माफिया नजरे गड़ाए हैं। वे लगातार विभाग की जमीनों पर कब्जे कर रहे हैं। दूसरी ओर नगर निगम प्रशासन इस मामले को लेकर बेहद सुस्त दिख रहा है। पार्षदों की शिकायतों पर भी विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। अफसरों का कहना है कि कई बार जमीनों से अवैध कब्जा हटवाया गया लेकिन उन पर दोबारा कब्जा हो गया।
ग्राम कनौसी वार्ड की जमीनों पर किए जा रहे अवैध कब्जे को लेकर पार्षद देवेन्द्र सिंह यादव (जीतू) ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जमीनों पर हो चुके कब्जों को लेकर गुहार लगाई है। उन्होंने मुख्यमत्री को पत्र भेज कर नगर निगम की अरबों की जमीन पर कब्जा होने का दावा किया है। पार्षद का कहना है कि ग्राम कनौसी में गाटा संख्या-1990, 1979,1973 और 1917 की नगर निगम की लगभग 35 बीघे जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर रखा है। यहां आदर्श सहकारी कृषि समिति के जरिए प्लाटिंग कर जमीनों को बेचने का काम धड़ल्ले से हो रहा है। यह सारा गोलमाल नगर निगम की साठ-गांठ से चल रहा है। पार्षद ने इस मामले में 16 जनवरी 2018 को तहसील दिवस में भी शिकायत की थी। नगर निगम के जोन-तीन स्थित डालीगंज डिस्पेंसरी की जमीन पर भी अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण करा दिया गया है। यहां लोग रहने भी लगे हैं। डिस्पेंसरी के कर्मचारी और वैद्य द्वारा इस मामले की जानकारी समय-समय पर लिखित और मौखिक रूप से उच्च अधिकारियों को दी गई। बावजूद इसके नगर निगम प्रशासन मूक दर्शक बना है। नगर निगम की इस डिस्पेंसरी की करोड़ों की जमीन पर कब्जा किया जा चुका है।

यहां भी चल रहा खेल

मल्हपुर रिंग रोड स्थित पुलिस चौकी और जायसवाल मार्केट के बीच खसरा सख्या-236 पर अवैध कब्जे को लेकर पूर्व में कई बार नगर आयुक्त से शिकायत की गई लेकिन नतीजा सिफर रहा। न्यू हैदरगंज द्वितीय वार्ड-18 के लोगों ने स्थानीय पार्षद पलक रावत को अवैध कब्जे की सूचना दी थी। लोगों का कहना है कि अभी तक कब्जा नहीं हटाया गया है। बताया जाता है कि खसरा नम्बर-236 अभिलेखों में नहर के रूप में दर्ज है। वहीं ग्राम बरावकलां की बात करें तो यहां भी भू-माफिया द्वारा निगम की जमीन कब्जाने की सूचना मिली है। खसरा संख्या 1676 रकबा 0.0540 हेक्टेयर व खसरा संख्या संख्या 1710 रकबा 0.0930 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा होने की शिकायत स्थानीय लोगों ने नगर आयुक्त से की है। लोगों का कहना है कि यह जमीन राजस्व अभिलेखों में नवीन परती दर्ज है। कब्जे को लेकर बराचकलां गांव के रामू, अमित कुमार, अंशु, रवीश, संतोष रावत, अशरफ, राम लखन, प्रेमलता, मुन्नी समेत प्रेम सिंह ने नगर आयुक्त को पत्र भेजा था।

नगर निगम की जमीनों का सर्वे कराया जा चुका है। चिंहित भूमि को कब्जा मुक्त कराने का अभियान चलाया जा रहा है।
-देशदीपक सिंह, तहसीलदार नगर निगम

नगर निगम की लगभग 35 बीघे जमीन पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा है। यहां आदर्श सहकारी कृषि समिति के जरिए प्लाटिंग कर जमीनों को बेचने का काम धड़ल्ले से हो रहा है। यह सारा गोलमाल नगर निगम की साठ-गांठ से चल रहा है।

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