You Are Here: Home » ENTERTAINMENT » कीकी चैलेंज का दीवानापन

कीकी चैलेंज का दीवानापन

आलोक बी लाल

जोखिम उठाने में एक रोमांच का अनुभव होता है। सबसे आम बात बहुत तेज गाड़ी दौड़ाना है। शहरों में आजकल मोटर साइकिल पर बेतहाशा रफ्तार से दौड़ लगाते सवार एक सामान्य बात हो गयी है। पिछले वर्षों में हमने ब्लू व्हेल नामक इंटरनेट गेम के लिए दीवानगी देखी थी। इसके बाद पोकेमोन गो ने बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। सोशल मीडिया पर आजकल एक और दीवानगी फैली हुई है जिसको कीकी चैलेंज का नाम दिया गया है। आपने अवश्य ही इसके बारे में सुन रखा होगा, तब भी यह बताना शायद ठीक ही रहेगा कि कीकी चैलेंज है क्या ?
अगर आप सोशल मीडिया पर भीड़ देखेंगे तो पाएंगे कि लोग चलती गाड़ी का दरवाजा खोलकर उतर जाते हैं और ड्रेक नामक गायक के ट्रैक इन माई फीलिंग पर डांस करते हुए गाड़ी के साथ-साथ चलते हैं। इस दौरान गाड़ी का दरवाजा खुला रहता है। इस दौरान गाड़ी बिना चालक चलती रहती है। विदेशों में चल रहे इस क्रेज का असर भला भारत तक कैसे न पहुंचता? भारत में इस दीवानेपन की जद में युवा इसलिए भी आ गए कि कुछ नामचीन सेलेब्रिटी ने भी यह कारनामा किया और सोशल मीडिया पर उसका प्रचार भी कर डाला। अदा शर्मा, करिश्मा शर्मा और नोरा अपना नाम चमकाने की कोशिश कर रही हैं और इन्होंने कीकी के रास्ते को चुना। लाखों लोगों ने इनको इस चैलेंज में भाग लेते ट्विटर पर देखा और इन छोटे-मोटे सेलेब्रिटी को वह प्रचार मिल गया जो ऐसे लोग किसी भी कीमत पर पाना चाहते हैं। उधर वड़ोदरा में एक अधेड़ उम्र की महिला ने कीकी चैलेंज क्या कर दिया, वह भी वायरल हो गया। इनके लिए इसमें क्या रोमांच है? इनको प्रचार की क्या जरुरत है? यह सब करने के लिए इन सेलेब्रिटी और आम नागरिकों को क्या कीमत देनी पड़ सकती है? सबसे बड़ी संभावना तो यह है कि इनको चोट लग सकती है। कितनी गंभीर चोट लगेगी यह तो अलग-अलग स्थानों पर भिन्न होगा, परन्तु यह कहा जा सकता है कि भारत की ऊबड़-खाबड़ सडक़ों पर इनका कुछ भी हश्र हो सकता है। हमारे देश में आम तौर पर लोग सडक़ों पर जैसा अनुपयुक्त व्यवहार करते हैं वह भी एक ऐसा कारण है जिसको नजरअंदाज करने वाले कीकी के दीवाने अपना बड़ा नुकसान करा सकते हैं। मेरी जानकारी में कीकी चुनौती मेंअभी तक भारत में किसी दीवाने की मौत नहीं हुई है, लेकिन यह तो कहना ही पड़ेगा कि संभावना तो है ही कि ऐसी दुर्घटना घट जाए। दूसरी कीमत कानूनी कार्यवाही की देनी पड़ सकती है। कुछ मेट्रो-नगरों और प्रदेशों में पुलिस ने कार चालकों को आगाह किया है कि वे अगर कीकी चैलेंज की चुनौती स्वीकार करेंगे तो कानून भी अपनी कार्यवाही करेगा और ऐसे चालकों को गिरफ्तार किया जाएगा।
निश्चित तौर पर यह चालक एक ओर तो अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, यह सडक़ के दूसरे यात्रिओं और सडक़ किनारे खड़े लोगों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। मैं जोखिम भरे खेलों के बारे में सिद्धांत रूप से अपनी जो भी राय रखूं उसका कीकी चुनौती के विषय में मेरे विचारों से कोई सीधा सरोकार नहीं है। स्काई डाइविंग, बंजी जम्पिंग, वाटर राफ्टिंग जैसे रोमांचक अनुभव उन्हें अवश्य करने चाहियें जो ऐसा कुछ करने के इच्छुक हैं। उन्हें अपना मन नहीं मारना चाहिए। इन खेलों में मानव सुरक्षा के सभी उपाय किये जाते हैं। बहुमूल्य मानव जीवन का उपहास नहीं उड़ाया जाता। पाठकों, जीवन का मजा जरूर लीजिये , मगर यह न भूलिए कि जान है तो जहान है।
(लेखक भूतपूर्व पुलिस महानिदेशक हैं)

All Rights Reserved to Weekand Times . Website Developed by Prabhat Media Creations.