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पहाड़ों में बाहरियों पर खास नजर रहेगी

पुलिस कप्तानों को डीजीपी की हिदायत | सघन सत्यापन में जुटेगी पुलिस

वीक एंड टाइम्स ब्यूरो

देहरादून। प्रदेश में और खास तौर पर हाल के वक्त में पहाड़ों में बाहरी लोगों के नाम तमाम तरह के संगीन जुर्मों में आने के बाद पुलिस कानून-व्यवस्था को नए सिरे से दुरुस्त करने में जुटी है। वह इस कोशिश में है कि पुलिस के प्रति लोगों के घटते विश्वास को थामा जाए और विश्वास को बढ़ाया जाए। इसके लिए खास तौर पर पहाड़ों में पुलिस को अतिरिक्तरूप से सक्रिय करने के लिए खुद डीजीपी अनिल रतूड़ी ने समीक्षा बैठक बुलाकर फरमान जारी किया। टेली कांफ्रेंसिंग के जरिये उन्होंने जिलों के पुलिस कप्तानों को खास तौर पर हिदायत दी कि आन्तरिक सुरक्षा, राष्टï्रीय सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम एवं अनावरण तथा आम जनमानस में सुरक्षा की भावना उत्पन्न करने के नजरिये से सत्यापन एक महत्वपूर्ण कार्य है। पर्वतीय जनपदों में सत्यापन एक बड़ा मुद्दा बन गया है, इस पर गम्भीरता से कार्य करें। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अशोक कुमार ने साइबर अपराधों से जुड़ी विवेचनाओं पर असंतोष जताया। उन्होंने इसमें गति लाने के निर्देश दिए। कप्तानों को अपराध रजिस्टर्ड करने से न डरने एवं आपराधों की रोकथाम के लिए व्यवस्था बनाने को भी कहा। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान कई अन्य अहम निर्देश भी दिए गए। इसमें थाना, जनपद एवं राज्य स्तर पर गठित त्रि-स्तरीय एन्टी ड्रग्स टास्क फोर्स के लिए नए लक्ष्य तय किए गए। थानाध्यक्ष के लिए तय किया गया कि वे थाना क्षेत्र के सभी स्कूलों/कॉलेजों के प्रबन्धकों से सम्पर्क कर एक-एक ड्रग विजिलेंट अधिकारी नियुक्त करायें, जिनकी मासिक बैठक भी आयोजित की जाये। एन्टी ड्रग्स टास्क फोर्स की सहायता के लिए एनजीओ से भी समन्वय स्थापित करने को कहा गया। साइबर क्राइम को वर्तमान में सबसे तेजी से बढ़ता अपराध बताते हुए इसके प्रति अधिक गंभीर होने पर जोर दिया गया। कप्तानों को कहा गया कि वे साइबर अपराधों की गंभीरता को नजर अंदाज न करें। ये भी निर्देश दिए गए कि सोशल मीडिया पर आक्रामक सन्देश पोस्ट करने वालों को चिन्हित कर थाने में बुलाया जाए. उनकी काउन्सलिंग कर भविष्य में ऐसी पोस्ट न करने के सम्बन्ध में उनसे बांड भरवाया जाये
कांफ्रेंस के दौरान रिधिम अग्रवाल (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ) ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से एसटीएफ की तरफ से तैयार चेहरा पहचान सॉफ्टवेयर के सम्बन्ध में जानकारी दी । प्रोजेक्ट प्रतिबिम्ब के अनर्गत एसटीएफ ने यह इस सोफ्टवेयर बनाया है। इसका सर्वर एसटीएफ कार्यालय में स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से संदिग्धों,अपराधियों एवं गुमशुदा व्यक्तियों की पहचान की जा सकेगी। यह कम्पयूटर एवं मोबाइल दोनों पर कार्य करेगा। इसके जरिये फोटो एवं टेक्स्ट के माध्यम से गैंगस्टर, पेशेवर, इनामी, भगौड़े, साईबर क्राईम अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों एवं वामपंथी माओवादियों की पहचान की जा सकती है। कांफ्रेंस में वी विनय कुमार, (अपर पुलिस महानिदेशक, अभिसूचना/सुरक्षा), एपी अंशुमन, (पुलिस महानिरीक्षक, पीएसी), अजय रौतेला (पुलिस उपमहानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र) एवं समस्त जनपद प्रभारी एवं सेनानायक सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। इसकी शुरुआत में दीपम सेठ (पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था) के पिता के आकस्मिक देहान्त पर सम्पूर्ण पुलिस परिवार की ओर से शोक व्यक्त किया गया।

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