You Are Here: Home » NATIONAL NEWS » टूट रहे रिश्ते, नवदंपतियों में बढ़े तलाक के मामले

टूट रहे रिश्ते, नवदंपतियों में बढ़े तलाक के मामले

  • युवक और युवतियां एक दूसरे के बारे में जांच पड़ताल किए बिना शादी के लिए हो जाते हैं राजी
  • भरोसे की कमी के कारण रिश्तों में तेजी से पड़ रही है दरार
  • फैमिली कोर्ट में तलाक के 80 फीसदी केस नवदंपतियों से है संबंधित

Weekandtimes News Network

लखनऊ। सात जन्मों के रिश्तों में भरोसे की कमी भारी पड़ रही है। शादी के पवित्र बंधन में बंधने वाले नव दंपति साल भर भी रिश्तों को नहीं निभा पा रहे हैं। कुछ महीनों में ही वह थाने और कोर्ट के चक्कर लगाना शुरू कर दे रहे हैं। मौजूदा समय में फैमिली कोर्ट में आने वाले तलाक के केसों में सबसे ज्यादा नवविवाहित दंपति के केस हैं। 80 प्रतिशत मामले ऐसे आ रहे हैं, जिनकी शादी के एक वर्ष भी पूरे नहीं हो पाए हैं। पिछले कुछ वर्षों से नवविवाहित दंपति में तलाक के मामलों में वृद्घि हुई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रेम संबंध और नौकरी कल्चर को लेकर ज्यादातर विवाद हो रहा है। नवदंपति के तालाक के केसों के दौरान हुई काउंसिलिंग से पता चलता है कि ज्यादातर युवक और युवतियां परिवार के दबाव में आकर विवाह के बंधन में बंध जाते हैं। इस दौरान वह अपने पुराने रिश्ते को छोड़ देते हैं। हालांकि विवाह के बाद भी वह आपस में तालमेल नहीं बैठा पाते हैं। समय बीतते ही उनके रिश्तों के बीच दरार भी पड़ जाती है। इनके बीच की बढ़ती दूरियां धीरे-धीरे उनको थाने और कोर्ट के दरवाजे पर लाकर खड़ा कर देती है। इसके साथ ही युवक और युवतियां एक दूसरे के बारे में जांच पड़ताल किए बिना ही शादी के लिए राजी हो जाते हैं। कई मामलों में इस कारण भी उनके रिश्तों में खटास पड़ जाती है।

 

All Rights Reserved to Weekand Times . Website Developed by Prabhat Media Creations.