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देहरादून-दिल्ली-यूपी आने-जाने में अब सुकून

वीक एंड टाइम्स ब्यूरो

देहरादून। देहरादून से दिल्ली और उत्तर प्रदेश जाना और आना खास तौर पर गर्मियों तथा छुट्टियों-त्यौहारों के मौसम में किसी बड़े सिर दर्द से कम नहीं हुआ करता था। देहरादून और सहारनपुर सीमा पर मौजूद डाट काली मंदिर के पास के सुरंग से गुजरना महाभारत युद्ध से कम नहीं हुआ करता था। गाडिय़ों का जाम लगने और सुरंग का मुहाना बहुत छोटा होने के कारण लोगों को सुबह से शाम तक हो जाया करती थी। नये सुरंग मार्ग बन जाने के बाद जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसका लोकार्पण किया तो मौजूद लोगों के चेहरों में भी खुशी चमक रही थी।
देहरादून (राष्टï्रीय राजमार्ग संख्या-72 ए) में मां डाट काली मंदिर के समीप 2-लेन इंजीनियर एम विश्वेश्वरैया टनल का विधिवत लोकार्पण किया गया। टनल की लम्बाई 340 मीटर (5 मीटर दोनों ओर पोर्टल सहित), ऊंचाई 5.50 मीटर, टनल के कैरिज वे की चौड़ाई 7.50 मीटर, टनल का फुटपाथ दोनों ओर 1.50 मीटर चौड़े हैं। टनल से देहरादून की ओर पहुँच मार्ग 255 मीटर व सहारनपुर की ओर पहुँच मार्ग 205 मीटर है।
टनल का निर्माण कार्य निर्धारित समय से 08 माह पूर्व पूर्ण हो गया है। टनल निर्माण लागत में 9 करोड़ रुपये की बचत हुई है। टनल निर्माण की स्वीकृत लागत 71.93 करोड़ रुपये थी तथा मूल अनुबन्ध 56.01 करोड़ रुपये का था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि भारत रत्न इंजीनियर एम विश्वेश्वरैया टनल हमारे प्रतिभावान व परिश्रमी इंजीनियरों को समर्पित हैं। टनल का निर्माण कार्य निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण करने व टनल निर्माण लागत में 9 करोड़ की बचत के लिए कार्यदायी संस्था बधाई व प्रंशसा की पात्र है। जल्द ही टनल के प्रवेश द्वारों पर देवभूमि उत्तराखण्ड की संस्कृति की झलक दिखाने व सौन्दर्यीकरण के लिए भी कार्य किया जाए। इन्हें पर्यटकों के लिए सेल्फी पॉइंट के रूप में विकसित किया जाए। डाट काली मन्दिर के पुराने टनल का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा।
त्रिवेन्द्र ने कहा कि सरकार ने डीजल-पेट्रोल के दामों में 5 रूपये की कमी कर दी गई है। राज्य में 90 करोड़ लीटर डीजल व 40 करोड़ लीटर पेट्रोल के साथ प्रतिवर्ष कुल 130 करोड़ लीटर डीजल-पेट्रोल की खपत होती है। इससे सरकार पर लगभग सवा तीन सौ करोड़ रूपये वित्तीय बोझ बढ़ेगा। हमें इस घाटे को पूरा करने के लिए उत्पादन व राजस्व को बढ़ाने के प्रयास करने होंगे। राज्य सरकार सडक़ों के सुधारीकरण व सुगम बनाने पर विशेष बल दे रही है। इससे आम जन व पर्यटकों को सुविधा होगी। इस वर्ष राज्य में रिकार्ड पर्यटक आए। राज्य सरकार के खनन राजस्व में वृद्धि 400 करोड़ रूपये से बढक़र 800 करोड़ रूपये हो गई है। वन विकास निगम से भी 100 करोड़ रूपये की आय होने की संभावना है। इस प्रकार हम राजस्व घाटा पूरा करने व प्रगति की ओर बढऩे की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास लगातार निवेशक आ रहे हैं। यह निवेश राज्य के विकास व प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 2025 में जब उत्तराखण्ड अपनी रजत जयन्ती मना रहा होगा तो राज्य, राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों के अनुरूप एक उन्नत व समृद्ध राज्य होगा। हम भ्रष्टाचार पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। भ्रष्टाचार के विरूद्ध इस लड़ाई में जनता, जनप्रतिनिधि, मंत्रीगण, सहयोगी व नौकरशाही हमारे साथ है। इस संघर्ष में सबका सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, भरत सिंह, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश,
मुख्य अभियन्ता हरि ओम शर्मा, प्रमुख अभियन्ता आरसी पुरोहित, भाजपा प्रदेश महामंत्री नरेश बंसल महेश पाण्डेय भी उपस्थित थे।

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