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केदारनाथ में निर्माण कार्य तेज होंगे

  • बद्रीनाथ में भी मास्टर प्लान से विकास
  • मुख्य सचिव ने लिया दोनों धामों का जायजा
  • समय पर कार्य पूरा करने की हिदायत

वीक एंड टाइम्स ब्यूरो

केदारनाथ/बद्रीनाथ। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह व पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने केदारनाथ और बदरीनाथ का जायजा लिया और दोनों धामों में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही और जरूरतों का भी जायजा लिया। दोनों ने हेलीकॉप्टर से केदारधाम पहुंचकर निर्माणाधीन रेप्लिका, रास्ते, उद्धव कुण्ड व आदि कार्यों का निरीक्षण किया। साथ ही सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को ससमय कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को 31 अक्टूबर तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निम को केदारपुरी में वायरकेट को आकर्षित व रमणीय बनाने के लिए प्रोटेक्शन वाल या हल्का स्लोप देने, डीडीएमए को बायोमैट्रिक के सामने बन रहे हाट बाजार के कार्य को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए जिससे व्यवसायियों की समस्याओं का निस्तारण ससमय हो सके। इसके साथ ही हाट बाजार में बन रही दुकानों के बीच एक समान अन्तर रखने, दुकानों के आगे स्थित जगह पर कंक्रीट के स्थान पर मखमली घास उगाने, रूद्रा प्वांइट से केदारपुरी तक स्थित समस्त साइन बोर्डो को हटाने, मंदाकिनी नदी के पार पुराने घोड़ा पड़ाव पर स्थित पुराने बीकेटीसी के स्ट्रकचर को हटाने, कावरा हाउस पर टिन के अवैध अतिक्रमण को हटाने, उद्धव कुण्ड को खुला रखने, वीआईपी हेलीपैड से मन्दिर तक रास्ते की मरम्मत करने के निर्देश दिए।
केदारधाम में मन्दाकिनी घाट से मन्दिर दर्शन के लिए दर्शनार्थियों को लम्बी कतार व श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए घूम कर न आना पड़ेे इसके लिए मन्दिर के आगे स्थित रैप्लिका से सीधा रास्ता बनाने के निर्देश निर्माणदायी संस्था को दिए। मन्दिर में स्वच्छता पर विशेष जोर देने, चबूतरे के सामने खाली पडी जगह पर मैट लगाने के भी निर्देश दिए। जिससे कि पूरी केदारपुरी आकर्षण व मनमोहक बनी रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी मंगेष घिल्डियाल ने समस्त विभागों को मुख्य सचिव के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समयान्तर्गत विभाग कार्य पूरा करे। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जायेगी। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान, निम से मनोज सेमवाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
बद्रीनाथ धाम को भविष्य में मास्टर प्लान के तहत विकसित करने को लेकर मुख्य सचिव एवं पर्यटन सचिव ने बद्रीनाथ धाम में शासन स्तर से हायर कम्पनी के कन्सलटेंट के साथ प्रस्तावित मास्टर प्लान का अवलोकन करते हुए उस पर चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम को मास्टर प्लान के साथ विकसित किया जा रहा है। इसी तर्ज पर अब बद्रीनाथ धाम को भी मास्टर प्लान के तहत विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने कहा कहा कि ऑलवेदर रोड एवं रेल परियोजना का कार्य पूरा होने पर बद्रीनाथ धाम में प्रतिवर्ष रिकार्ड यात्रियों की पहुँचने की सम्भावना है। इसको देखते हुए बद्रीनाथ धाम को मास्टर प्लान के तहत विकसित करने की योजना है। पर्यटन सचिव जावलकर ने कहा कि राज्य में हेलीकॉफ्टर कनेक्टिविटी अच्छी होने से धाम पहुँचने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। साथ ही सडक़ सुविधाऐं विकसित होने पर भविष्य में पर्यटकों की संख्या में खासा इजाफा होगा।
उन्होंने कहा कि आगामी 15-20 सालों में पर्यटकों को अच्छी सुविधाऐं मुहैया हो सके, उसके हिसाब से टाऊन की प्लानिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसमें स्थानीय लोगों को भी शामिल किया जायेगा। मुख्य सचिव एवं पर्यटन सचिव ने अंतिम गांव माणा का भी भ्रमण कर प्रस्तावित कार्यो के संबध में अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि माणा गांव के प्रसिद्ध हस्तशिल्प को आगे बढ़ाने के लिए शासन स्तर से ठोस योजना संचालित करने का प्रयास किया जायेगा। जिससे यहॉ के काश्तकारों को इसका पूरा फायदा मिल सके। उत्पल एवं जावलकर ने भगवान बद्रीनाथ के दर्शन कर पूजा अर्चना भी की। इस दौरान जिलाधिकारी स्वाति भी साथ थी।

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