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शहर को हाईटेक बस शेल्टरों से लैस करने की कवायद में जुटा नगर निगम

  • स्मार्ट सिटी योजना के तहत तैयार किए जाएंगे 150 शेल्टर, 40 का हो चुका है टेंडर
  • यात्रियों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं जीपीएस से लैस होगा बस शेल्टर
  • डिस्प्ले से मिलेगी बस के आवाजाही और प्रदूषण लेवल की जानकारी

वीक एंड टाइम्स न्यूज नेटवर्क

लखनऊ। स्मार्ट सिटी योजना के तहत राजधानी में 150 बस शेल्टरों का निर्माण कराया जाएगा। योजना के तहत 40 बस शेल्टरों का टेंडर पहले ही हो चुका है और अब 150 बस शेल्टर बनाने की तैयारी चल रही है। यह बस शेल्टर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। यहां यात्रियों को बस के आवागमन की जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी। निगम ने इसका खाका तैयार कर लिया है। नगर निगम ने नगर परिवहन सेवा से शहर में चलने वाली सिटी बसों के रूट की लिस्ट पहले ही प्राप्त कर ली है। स्मार्ट सिटी योजना की टीम ने इन सभी बस स्टापेज का चिन्हिकरण किया है। इसी के आधार पर शहर के 190 प्रमुख स्थानों पर स्मार्ट बस शेल्टर बनाए जाने है। इनमें से 40 बस शेल्टरों का टेंडर हो चुका है। इसका मॉडल पिछले साल तैयार किया गया था। स्मार्ट बस शेल्टर का मॉडल अशोक मार्ग पर बना है।
स्मार्ट सिटी लिमिटेड के महाप्रबंधक एसके जैन ने बताया कि प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये खर्च होने का अनुमान है। योजना के सभी बस शेल्टर आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। वहीं, स्मार्ट बस शेल्टर बनने के बाद पुराने बस शेल्टरों को हटा दिया जाएगा। इसमें से तमाम बस शेल्टर पहले ही हट चुके हैं। मैट्रो कार्य के दौरान कई शेल्टर हटा दिए गए हैं। शेल्टर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से लैस होंगे। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत यहां लोगों को डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के जरिए बसों की समय सारणी और अन्य जानकारियां उपलब्ध होगी। इसके अलावा प्रदूषण स्तर की भी जानकारी डिस्प्ले में दिखाई देगी। बस शेल्टरों की देखरेख करने के लिए इनकम की सुविधा भी है। सभी बस शेल्टरों पर डिजिटल विज्ञापन के लिए डिस्प्ले की व्यवस्था भी होगी। जिससे बस शेल्टर की सुविधा देने वाली एजेंसी को व्यावसायिक लाभ मिले। स्मार्ट बस शेल्टर से प्रचार नियमावली के अनुसार सरकारी दरों पर शुल्क वसूला जाएगा। जिससे नगर निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी। सभी सुविधाओं के साथ इनमें सिटी लेवल कंट्रोल सेंटर समेत सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।

मिलेगी वाई-फाई की सुविधा

स्मार्ट बस शेल्टरों में बस का इंतजार करने वाले लोगों की सुविधा के लिए ई-टॉयलेट व वाई-फाई की सुविधा फ्री में मिलेगी। जानकारी के अनुसार स्मार्ट बस शेल्टरों में बने टॉयलेट पूरी तरह से हाईटेक होंगे। इनका दरवाजा कार्ड रीडर से खुलेगा। टॉयलेट के कार्य बिजली व सफाई को लेकर किसी प्रकार की समस्या होने पर इसमें अलार्म सिस्टम भी रहेगा। बस शेल्टर स्टॉप पर दो ई-टायलेट सीट, बस शेल्टर व प्रचार के डिस्प्ले के लिए 28.55 लाख, इस पर वार्षिक अनुरक्षण व संचालन पर 8.40 लाख एवं उपकरणों के वार्षिक रखरखाव पर 2.85 लाख का खर्च होगा। स्मार्ट बस शेल्टर बनने के बाद मौजूदा बस शेल्टरों को भी इसी तरह से अत्याधुनिक करने का प्रस्ताव है।

24 घंटे रहेगा पावर बैकअप
सभी बस शेल्टर पर 24 घंटे पावर बैकअप होगा। बिजली कटने पर भी बस शेल्टर पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड समेत पूरा सिस्टम काम करेगा। बस शेल्टर के लिए पांच किलोवाट बिजली की जरूरत होगी। सिस्टम के तैयार हो जाने से शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। इस व्यवस्था से यातायात पर भी असर पड़ेगा।

ये मिलेंगी सुविधाएं
ड्ड सभी बसों की समय सारिणी उपलब्ध होगी।
ड्ड बसों का वास्तविक व अनुमानित समय प्रदर्शित होगा।
ड्ड प्रमुख जगहों का रूट मैप भी प्रदर्शित किया जाएगा।
ड्ड रात के समय रोशनी से जगमगाएंगे बस शेल्टर।
ड्ड प्रदूषण के स्तर की जानकारी।
ड्ड सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था।
ड्ड ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस से लैस होंगे शेल्टर।
ड्ड उपलब्ध होगा आरओ का पेयजल।
ड्ड इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी होगा लागू।
ड्ड शौचालय व यूरिनल की व्यवस्था होगी।
ड्ड बैठने के लिए आरामदायक कुर्सिया होंगी।

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