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गुजरात चुनाव के असल मुद्दे

किसी भी कड़ी स्पर्धा की स्थिति में और अभी गुजरात में कड़ी स्पर्धा है या नहीं, इस बात को लेकर निश्चित तौर पर कोई कुछ भी नहीं कह सकता, भाजपा की यही सांगठनिक शक्ति उसकी जीत सुनिश्चित करेगी। वहीं दूसरी ओर, चूंकि इस राज्य में केवल दो दलों के बीच ही लड़ाई रहती है, हमें केवल कांग्रेस पर निगाह रखनी होगी और यह स्वीकार करना ही होगा कि उसके पास सांगठनिक योग्यता की कमी है। सेवा दल या युवा कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ताओ ...

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क्या नया है इस बार गुजरात में…

गुजरात चुनाव में इस बार नई बात यह है कि हरचंद कोशिश के बाद भी हिंदू मुसलमान का माहौल नहीं बन पाया। दूसरी खास बात ये कि वहां के पूर्व मुख्यमंत्री इस समय देश के प्रधानमंत्री हैं। लेकिन वहां सत्तारूढ़ भाजपा इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसे है। तीसरी बात कि दशकों से चली आ रही दो धु्रवीय राजनीति की शक्ल अचानक बदल गई है। हार्दिक, अल्पेश जिग्नेश जैसे आंदोलनकारी इस चुनाव में सीधी भूमिका में दिख रहे हैं। ...

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आस्था के केंद्रों पर वाजिब चिंता

आस्था के केंद्रों पर वाजिब चिंताशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) इन दिनों चर्चा में है लेकिन दिल्ली में प्रदूषण को लेकर दिल्ली सरकार के संदर्भ में उसकी चर्चा ज्यादा हो रही है। लोगों का ध्यान वैष्णो देवी को लेकर उसके फैसले की ओर कम गया है। हाल में एनजीटी ने वैष्णो देवी मंदिर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 हजार तय कर दी है। एनजीटी ने यह फैसला किसी भी अप्रिय स्थिति से लोगों को बचाने के लिए किया है। लोगो ...

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युवाओं को मौका दें राजनीतिक दल

कुछ दलों में अनौपचारिक रूप से 75 साल सेवानिवृत्ति की उम्र तय करना स्वागतयोग्य है, लेकिन फिर भी बहुत कुछ करने की जरूरत है। संघर्षरत युवाओं को मजबूत बनाने के और भी रास्ते हैं। दक्षिण यूरोपीय देश सर्बिया कई वर्षों का एक 500 युवा राजनीतिक नेता प्रोग्राम चलाता है, जिसके तहत देश में लोकतंत्र के पुनरुद्धार के लिए युवा नेताओं की खोज करके युवा राजनीतिक नेतृत्व को प्रश्रय दिया जाता है। स्ट्रिया के नये चांसलर सेबेस्टि ...

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हम नहीं हमारे भारत के ये 2,464 बकलोल लोग

2464 लोग वो लोग हैं जो पीयू रिसर्च मेंशामिल हुए हैं। यही भारत हैं। भारत की आत्मा गांवों में नहीं, सर्वे के सैंपल में रहती है। सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे भवन्तु मोदीमया। लोकप्रियता भी एक किस्म का बुखार है। कई लोग थर्मामीटर लिए दिन रात नापते रहते हैं। जिसे देखो थर्मामीटर लिए घूम रहा है। अक्टूबर के महीने में कई लेख छपे कि मोदी की लोकप्रियता घटी है। नवंबर में लेख छप रहे हैं कि मोदी की लोकप्रियता बढ़ी है। घटी तो ...

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