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त्रिशंकु आई तो दोनों दोषी

विधानसभा चुनाव के तकरीबन शांतिपूर्वक गुजर जाने के बाद कांग्रेस-बीजेपी और बाकी सियासी दल ही नहीं बल्कि आला राजनीतिक समीक्षक, टीवी चैनल्स, मीडिया और औद्योगिक घरानों के साथ ही नौकरशाह और अवाम भी यह जानने को बेहद उत्सुक है कि आखिर देवभूमि में 11 मार्च को क्या विस्फोट होने वाला है। उस दिन चुनाव आयोग चुनाव नतीजे की घोषणा करेगा। क्या सत्ता अपने पास बरकरार रखकर कांग्रेस और मुख्यमंत्री हरीश रावत राज्य का इतिहास बदल ...

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पर अंद्रेटा आश्वस्त करता है!

उर्मिलेश मई के अंतिम और जून के पहले सप्ताह में अपने हिमाचल-भ्रमण के दौरान कई खट्टे-मीठे अनुभव हुए। कुछ उदास करने वाले घटनाक्रमों को देखा, तो कुछ ऐसी जगहों और लोगों से भी साक्षात्कार हुआ, जो मनुष्यता और समाज की बेहतरी के लिए जारी सामूहिक प्रयासों के प्रति हमें आश्वस्त करते हैं। चंबा और कांगड़ा घाटी के अनेक सुरम्य स्थलों से गुजरते हुए हमें कई डरावने दृश्य भी दिखे। घाटी और पर्वतीय अंचल के गांवों-कस्बों में जिस ...

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स्थानीय चुनाव का कार्यक्रम

चुनाव एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें नेता, कार्यकर्ता, अधिकारी और कर्मचारी तन-मन-धन से जुट जाते हैं। अभी दो बड़े चुनाव से उभरे ही थे कि स्थानीय निकाय के चुनाव सर पर आ गए। चुंकि चुनाव एक प्रजातांत्रिक प्रक्रिया है सो निभाना होगा। स्थानीय चुनाव इन चुनावों से कुछ भिन्न होते हैं। स्थानीय चुनाव में नेताओं ने परिपक्व मानसिकता का परिचय दिया और तय किया है कि वे एक दूसरे के विरुद्ध जहर नहीं उगलेंगे बल्कि सौहार्दपूर्ण तर ...

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तय कर लिया भ्रष्टाचार मिटाकर रहेंगे

विजय कुमार शर्मा जी ने तय कर लिया है कि चाहे जो भी हो और जैसे भी हो पर अपने प्रिय देश भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त करके ही रहेंगे। शर्मा जी छात्र जीवन में भी बड़े उग्र विचारों के थे। भाषण और निबन्ध प्रतियोगिताओं में वे भ्रष्टाचार के विरुद्ध बहुत मुखर रहते थे। कई पुरस्कार भी उन्होंने जीते। विद्यालय में उन्हें एक हीरो की तरह देखा जाता था। अध्यापकों को उनमें एक बड़े आदर्शवादी नेता के वायरस दिखाई देते थे। सबको ब ...

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दफ्तर जाने के लिए

दफ्तर जाने के लिए मुझे बहुत सी तैयारियां करनी पड़ती हैं। दफ्तर जाने का मतलब यह तो है नहीं कि साबुन से नहाओ भी मत या रोजाना शेव मत बनाओ। दफ्तर में मेरे कई साथी हैं। वे इसे वेस्टेज मानते हैं। उनका तर्क यह है कि दफ्तर कोई निजी कार्य या सगे संबंधी का काम तो है नहीं जो रोज एक रुपया का ब्लेड खराब करो, साबुन खराब करो, चेहरे को चमकाने के लिए क्रीम लगाओ, बाल काले करो अथवा मूंछों की करीने से कटाई-छंटाई करो। जबकि मेरा ...

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