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करोड़ों के खेल में क्या पंचायती राज मंत्री भारी पड़ गए ग्राम्य विकास मंत्री पर

पंचायत राज विभाग के कर्मचारियों की भीड़ देखकर रोके गए मुख्य सचिव की बैठक का कार्यव्रत, फैसले के खिलाफ अब ग्राम्य विकास के लोग सडक़ पर आने को तैयार प्रदेश के सभी ब्लाकों में लगेंगे ताले प्रमुख सचिव पंचायती राज ने करोड़ों रुपए लेकर जारी कर दिया शासनादेश, गलत शासनादेश के खिलाफ प्रदेश भर के पंचायत राज और ग्राम्य विकास के कर्मचारी आमने-सामने लड़ाई के मूड में सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने कहा कि चंचल तिवारी के ...

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तय कर लिया भ्रष्टाचार मिटाकर रहेंगे

शर्मा जी ने तय कर लिया है कि चाहे जो भी हो और जैसे भी हो पर अपने प्रिय देश भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त करके ही रहेंगे। शर्मा जी छात्र जीवन में भी बड़े उग्र विचारों के थे। भाषण और निबन्ध प्रतियोगिताओं में वे भ्रष्टाचार के विरुद्ध बहुत मुखर रहते थे। कई पुरस्कार भी उन्होंने जीते। विद्यालय में उन्हें एक हीरो की तरह देखा जाता था। अध्यापकों को उनमें एक बड़े आदर्शवादी नेता के वायरस दिखाई देते थे। सबको बड़ी आशाएं थ ...

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दफ्तर जाने के लिए

दफ्तर जाने के लिए मुझे बहुत सी तैयारियां करनी पड़ती हैं। दफ्तर जाने का मतलब यह तो है नहीं कि साबुन से नहाओ भी मत या रोजाना शेव मत बनाओ। दफ्तर में मेरे कई साथी हैं। वे इसे वेस्टेज मानते हैं। उनका तर्क यह है कि दफ्तर कोई निजी कार्य या सगे संबंधी का काम तो है नहीं जो रोज एक रुपया का ब्लेड खराब करो, साबुन खराब करो, चेहरे को चमकाने के लिए क्रीम लगाओ, बाल काले करो अथवा मूंछों की करीने से कटाई-छंटाई करो। जबकि मेरा ...

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ट्विटर और मंत्री जी

पहले के जमाने में राजा एवं मंत्रियों का जीवन बड़ा ही तिलिस्मी होता था। उनके बारे में जानने के लिए जनता उत्सुक रहती थी। उनकी दिनचर्या के बारे में पता लगाना लोहे के चनों से दांत तुड़वाना था। अगर गलती से कोई जूलियन असांजे जैसे नौकर से खबर मिल जाती तो क्या कहना, सबकी लॉटरी लग जाती। जहां भी दो से चार नैन होते वहीं चर्चा शुरू हो जाती। दो आंखें बोलतीं- अरे जनाब! आपने कुछ सुना? अगली दो आंखें गर्दन सहित दाएं-बाएं डो ...

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नदियों का प्रदूषण रोकने की पहल

नदियों का बढ़ता प्रदूषण हमारे समाज की बड़ी समस्या है। औद्योगिक विकास ने नदियों को बुरी तरह प्रदूषित करना प्रारंभ कर दिया है। परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती का मानना है कि अब स्मारकों व पार्कों की नहीं बल्कि स्मृति वनों की जरूरत है। नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए लोगों को जागरूक करने की मुहिम में जुटे स्वामी चिदानंद सरस्वती को उम्मीद है कि लोगबाग इस अभियान से जुड़ेंगे। गंगा एक्श ...

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